छत्तीसगढ़
PWD का बड़ा एक्शन, 2 ठेकेदारों और 6 उप अभियंताओं को भेजा नोटिस
Shantanu Roy
24 Oct 2026 8:59 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव में लापरवाही को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्त रुख अपनाया है। शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे निर्माण कार्यों, गुणवत्ताहीन सड़क और जगह-जगह उखड़ी सतह को लेकर विभाग ने दो ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों ठेकेदारों को 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सड़क के रखरखाव में लापरवाही को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के छह उप अभियंताओं को भी नोटिस जारी किया गया है। सभी उप अभियंताओं को तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा।
सड़क की गुणवत्ता में मिली खामियां
जानकारी के अनुसार, शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के निर्माण और रखरखाव को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव से जुड़ी कई कमियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि सड़क के कुछ निर्माण कार्य अधूरे हैं। इसके अलावा सड़क की सतह कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। निर्माण कार्यों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है। इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग ने संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की है।
15 दिनों के भीतर जवाब देंगे दोनों ठेकेदार
लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण से जुड़े दोनों ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव और सड़क सुरक्षा से संबंधित कमियों को लेकर संबंधित ठेकेदारों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा। खास बात यह है कि शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क अभी परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में है। इस अवधि में सड़क की गुणवत्ता और निर्धारित शर्तों के अनुसार रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित अनुबंध की शर्तों के तहत तय होती है। ऐसे में गारंटी अवधि के दौरान सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने और निर्माण संबंधी कमियां सामने आने को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
छह उप अभियंताओं को भी नोटिस
इस मामले में लोक निर्माण विभाग ने केवल ठेकेदारों पर ही नहीं, बल्कि सड़क के रखरखाव से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई शुरू की है। राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के सभी छह उप अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन अधिकारियों से सड़क की सतह पर हुई क्षति और रखरखाव में सामने आई लापरवाही के संबंध में जवाब मांगा गया है। विभाग ने सभी उप अभियंताओं को तीन दिनों के भीतर अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, उप अभियंताओं की ओर से निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। विभागीय जांच और जवाबों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल ठेकेदारों और उप अभियंताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है।
सड़क सुरक्षा और रखरखाव पर विभाग का जोर
शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क पर सामने आई खामियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी के महत्व को एक बार फिर सामने ला दिया है। सड़क की सतह उखड़ने और निर्माण कार्य अधूरे रहने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। विशेषकर बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में रखरखाव की जिम्मेदारी की समीक्षा कर रहा है। अब संबंधित ठेकेदारों और उप अभियंताओं के जवाब मिलने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
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