छत्तीसगढ़

सांभर शिकार मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
9 Aug 2026 5:08 PM IST
सांभर शिकार मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 3 आरोपी गिरफ्तार
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन मंत्री केदार कश्यप के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग की टीम लगातार वन्यजीवों के शिकार और तस्करी से जुड़े मामलों पर नजर रख रही है। इसी अभियान के तहत मोहला वनमंडल के दक्षिण मानपुर क्षेत्र में सांभर के शिकार के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राजनांदगांव जेल भेज दिया गया है।
वनमंडलाधिकारी दिनेश कुमार पटेल के अनुसार, 6 अगस्त की शाम वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत बागडोगरी के रेंगाटोला गांव, तहसील औंधी में कुछ लोग कथित रूप से सांभर का मांस पकाकर खा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। दक्षिण मानपुर के परिक्षेत्र अधिकारी और मानपुर के उपवनमंडलाधिकारी ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए सर्च वारंट प्राप्त किया और वन विभाग की टीम के साथ बताए गए स्थान पर छापेमारी की।
वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां तलाशी के दौरान पका हुआ मांस बरामद किया गया। इसके बाद टीम ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि खेत में फंसे सांभर के बच्चे की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद उसके मांस को पकाया गया था। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके से संबंधित सामग्री जब्त की और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। वन विभाग की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान काजूराम, पिता मसरूराम, रघुराम, पिता मनीराम और राहुल, पिता सुकलु के रूप में हुई है। तीनों आरोपी क्षेत्र के ही बताए गए हैं। विभाग की टीम ने पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की।
मामले में कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजीएम न्यायालय, अंबागढ़ चौकी के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद आरोपियों को राजनांदगांव जेल भेज दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार और उनके अंगों या मांस का कारोबार कानूनन गंभीर अपराध है। वन्यजीवों की संख्या और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे मामलों में लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभाग को सूचना मिलने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई की गई, उसे वन्यजीव संरक्षण के अभियान का हिस्सा बताया गया है।
मोहला वनमंडल के दक्षिण मानपुर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। जंगल और उसके आसपास रहने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ अवैध शिकार की सूचना जुटाने के लिए विभागीय अमला सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के शिकार से जुड़े किसी भी मामले में सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप ने भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और शिकारियों के खिलाफ इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से सांभर जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीवों का अवैध शिकार गंभीर चिंता का विषय माना जाता है। ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ ही वन विभाग द्वारा जंगल क्षेत्रों में गश्त और निगरानी को मजबूत किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और उनकी संख्या को बनाए रखना है। मोहला वनमंडल की इस कार्रवाई से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि वन्यजीवों के शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ विभाग सख्ती से कार्रवाई करेगा। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ वन विभाग की सक्रियता सामने आई है। फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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