छत्तीसगढ़
EOW-ACB की बड़ी कार्रवाई, मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा गिरफ्तार
Shantanu Roy
18 Jun 2026 10:23 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथ वर्मा को गिरफ्तार किया है। उन पर टेंडर आवंटन में अनियमितता, रिश्वत मांगने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है। EOW-ACB की टीमों ने रायपुर, बिलासपुर और मध्यप्रदेश के उज्जैन सहित कुल 8 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी ने इन सभी साक्ष्यों को जब्त कर लिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन और अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि टेंडर आवंटन के दौरान किस तरह से नियमों का उल्लंघन किया गया और किन स्तरों पर रिश्वतखोरी की गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी भागीरथ वर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस अवधि में EOW-ACB उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी और पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी।
जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान टेंडर प्रक्रिया, कथित भ्रष्टाचार और अन्य संभावित सहयोगियों से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और अधिकारी या ठेकेदार भी शामिल थे। EOW-ACB अधिकारियों ने बताया कि बरामद संपत्ति और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आय से अधिक संपत्ति के पहलू पर भी अलग से जांच की जा रही है। प्रारंभिक आकलन में करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है, जिसकी वैधता की जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद नगरीय प्रशासन विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भी मामले की जानकारी ली जा रही है और संबंधित फाइलों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे संभव हैं। EOW-ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारी और कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जांच टीम डिजिटल डेटा, बैंक लेनदेन और टेंडर फाइलों का गहन विश्लेषण कर रही है।
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