छत्तीसगढ़

बर्खास्त आरक्षक के खिलाफ ACB का बड़ा एक्शन, आय से अधिक संपत्ति मामले में चालान पेश

Shantanu Roy
5 Oct 2026 6:33 PM IST
बर्खास्त आरक्षक के खिलाफ ACB का बड़ा एक्शन, आय से अधिक संपत्ति मामले में चालान पेश
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर जीआरपी में पदस्थ रहे संतोष कुमार राठौर के खिलाफ एसीबी ने 5 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश, पीसी एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। जांच में आरक्षक की कुल आय 46 लाख 8 हजार 341 रुपए पाई गई, जबकि उसके खर्च का आंकड़ा 62 लाख 28 हजार 137 रुपए पाया गया। यानी जांच में आय की तुलना में 16 लाख 19 हजार 796 रुपए अधिक खर्च सामने आया।
एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर के अनुसार संतोष कुमार राठौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति धारित करने की जानकारी के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में संशोधित अधिनियम 2018 की धारा 13(1)बी और 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामले की जांच के दौरान एसीबी ने आरोपी की संपत्ति, आय और खर्च से संबंधित दस्तावेज और अन्य जानकारियां जुटाईं। इसके पहले 1 दिसंबर 2024 को एसीबी की टीम ने आरोपी के बिलासपुर स्थित निवास सहित अन्य स्थानों पर छापामार कार्रवाई की थी। छापे के बाद आरोपी की आय और उसके खर्च से संबंधित जानकारी का विस्तृत परीक्षण किया गया।
जांच में सामने आया कि ड्यूटी के दौरान आरोपी की आय 46,08,341 रुपए थी। इसके मुकाबले उसका व्यय 62,28,137 रुपए पाया गया। इस तरह आरोपी की घोषित और ज्ञात आय की तुलना में उसका खर्च काफी अधिक मिला। एसीबी के मुताबिक जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का अपराध प्रमाणित पाया गया। अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने के बाद एसीबी ने विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट बिलासपुर की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया है। अब मामले में न्यायालय के समक्ष आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी।
संतोष कुमार राठौर पहले जीआरपी थाना बिलासपुर में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसके खिलाफ पहले से गांजा तस्करी से जुड़ा गंभीर मामला भी दर्ज है। आरोप है कि वह अपने अन्य आरक्षक साथियों के साथ ट्रेन में गांजा तस्करी का पता लगाकर आरोपियों को गिरफ्तार करते थे। इसके बाद कथित तौर पर जब्त गांजा अपने पास रख लेते थे और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं करने के बदले आरोपियों से पैसे वसूलते थे। इस मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर में संतोष कुमार राठौर और अन्य आरोपियों के खिलाफ धारा 20बी और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था। बाद में प्रकरण को आगे की जांच के लिए एसीसीयू जिला बिलासपुर को स्थानांतरित किया गया।
जांच के दौरान एसीसीयू बिलासपुर ने आरोपी के खिलाफ चालान क्रमांक 46-ए/2024 विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया था। इसी एनडीपीएस मामले के चलते संतोष कुमार राठौर को सेवा से भी बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक रेल ने 19 नवंबर 2024 को संतोष कुमार राठौर को आपराधिक आचरण प्रदर्शित करने के मामले में सेवा से पृथक कर दिया था। वर्तमान में वह एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले में बिलासपुर जेल में बंद है। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में एसीबी द्वारा अभियोग पत्र पेश किए जाने के बाद बर्खास्त आरक्षक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मामले में अदालत के समक्ष आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया होगी।
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