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छत्तसीगढ़
Kabirdham कबीरधाम: जिले में पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत बैगा जनजाति के 13 नाबालिग बच्चों को बंधुआ श्रम और बाल तस्करी से मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि ग्राम थूहापानी और आसपास के क्षेत्रों से बैगा समुदाय के बच्चों को पैसों का लालच देकर बाहर ले जाया गया है और उनसे जबरन काम कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
पुलिस टीम ने ग्राम भलपहरी, खरहट्टा पांडातराई, सारंगपुर कला, कानाभैरा और दशरंगपुर में दबिश देकर 13 बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। सभी बच्चों को जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड लाइन को सौंपा गया, जबकि फिलहाल उन्हें बालगृह में रखा गया है।
जांच में सामने आया कि बच्चों से मवेशी चराने और अन्य कठिन कार्य करवाए जाते थे। काम सुबह से शाम तक कराया जाता था, लेकिन उन्हें मजदूरी नहीं दी जाती थी। उनके परिवारों को केवल 1000 से 2000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे।
मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 8 से 15 वर्ष के बीच है और वे बैगा जनजाति से संबंधित हैं। मामले में कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिनमें बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम से जुड़े कानून शामिल हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे गिरोह की जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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