छत्तीसगढ़

महासमुंद : पानी बचाने डबरी, तालाब और तालाब गहरीकरण पर जोर...दो वर्ष में 512 डबरी और 40 तालाबों का हुआ निर्माण

Nil dhankar
3 Sept 2021 1:33 PM IST
महासमुंद : पानी बचाने डबरी, तालाब और तालाब गहरीकरण पर जोर...दो वर्ष में 512 डबरी और 40 तालाबों का हुआ निर्माण
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महासमुंद ज़िले में पानी बचाने और जल संरक्षण के लिए मनरेगा के तहत डबरी, तालाब, और कुआँ के साथ तालाब गहरीकारण, स्टॉप डेम, चेक डेम आदि का निर्माण किया जा रहा है। ज़िला पंचायत द्वारा मनरेगा के तहत ज़िले में जल संरक्षण के लिए पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1056 कार्य किए गए। जिसमें 40 नए तालाब का निर्माण शामिल है। वही 499 तालाबों का गहरीकरण हुआ। किसानों की ज़मीन पर 473 निजी डबरी बनाई गई। तो वही 31 नहर लाईनिग कार्य हुए। इसी प्रकार 13 कुँआ, चेकडेम और स्टाप डेम निर्मित हुए। इन सभी से 1527 हेक्टेयर खेत सिंचित हुए।

चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 41 तालाबों का गहरीकरण और 39 निजी डबरी का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। इससे 131.72 हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी और भू-जल स्तर में भी वृद्धि होगी। ज़िले में इन दो वर्षों में 512 तालाबों का गहरीकरण किया गया है। इस दौरान दोनों वित्तीय वर्षों में कुँआ और 12 चेकडेम और स्टॉप डेम भी बनवाए गए हैं। सिंचाई नहरों की लाईनिंग का कार्य भी मनरेगा में लिया जा रहा है। दोनो वर्ष में नहर लाईनिंग के 34 कार्य पूर्ण किए गए, जिनसे 170 हेक्टेयर में सिंचाई क्षेत्र का विस्तार हुआ, वहीं वर्ष 2021-22 में जुलाई तक नहर लाईनिंग के 3 कार्य पूर्ण कर 15 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित की गई। वित्तीय वर्ष 2020-21 व चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 512 निजी डबरियों का निर्माण किया गया। पिछले वर्ष 473 बनी थी। पौध रोपण के लिए कार्य योजना के तहत नर्सरियों का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए राशि मंजूर की गई है। इन नर्सरियों में पौधे तैयार किए गए हैं, जो चालू मानसून के दौरान लगाए जा रहे है।

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