छत्तीसगढ़

महानदी दोनों राज्यों की जीवनधारा और समृद्धि का आधार: अमित शाह

Shantanu Roy
1 Oct 2026 9:32 PM IST
महानदी दोनों राज्यों की जीवनधारा और समृद्धि का आधार: अमित शाह
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New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल हुए। बैठक में महानदी के जल प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था और दोनों राज्यों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। यह केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से गहराई से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है।
उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों का प्रयास होना चाहिए कि महानदी के जल का बेहतर और संतुलित प्रबंधन किया जाए, जिससे सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ विकास की नई संभावनाओं को भी आगे बढ़ाया जा सके। जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होने से किसानों को लाभ मिलेगा और दोनों राज्यों में नई परियोजनाओं के लिए भी रास्ते खुल सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से जुड़े विषयों का समाधान आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा रास्ता निकालना आवश्यक है, जिससे जल प्रबंधन अधिक प्रभावी हो और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।


बैठक के दौरान महानदी के जल उपयोग, प्रबंधन और सिंचाई से संबंधित विषयों पर दोनों राज्यों की ओर से अपने-अपने पक्ष रखे गए। केंद्र सरकार की मौजूदगी में हुई इस चर्चा को दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की सरकारें आपसी सहमति से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि संवाद और सहयोग की प्रक्रिया से ही महानदी से जुड़े विषयों का ऐसा समाधान निकाला जा सकता है, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों के लिए हितकारी हो।
उन्होंने कहा कि महानदी के जल का बेहतर प्रबंधन होने से सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। इसके साथ ही किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और जल संसाधनों पर निर्भर लोगों को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सकेगा। उच्चस्तरीय बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महानदी को विवाद के बजाय साझा संसाधन के रूप में देखते हुए दोनों राज्यों की आवश्यकताओं के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाए। इसके लिए तकनीकी और वैज्ञानिक आधार पर जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने भरोसा जताया कि आपसी विश्वास, नियमित संवाद और सहयोग के जरिए महानदी से जुड़े विषयों का सकारात्मक समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की सरकारें इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में महानदी के जल संसाधनों का उपयोग दोनों राज्यों के विकास और समृद्धि के लिए और बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
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