छत्तीसगढ़

RAIPUR BREAKING: महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

SHIDDHANT
1 Nov 2026 7:24 PM IST
RAIPUR BREAKING: महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार
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छग
रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल और ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ओमान से भारत लेकर आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में पकड़े गए चंद्राकर का भारतीय एजेंसियों के समन्वय से प्रत्यर्पण कराया गया है। अब उसे 2 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की तैयारी है।
रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में हुई गिरफ्तारी
CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ पहले ही इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान के अधिकारियों को प्रत्यर्पण का औपचारिक अनुरोध भेजा। इस अनुरोध के साथ आरोपी के खिलाफ जुटाए गए दस्तावेज और जांच से संबंधित साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए। भारत सरकार, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच समन्वय के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। CBI की विशेष टीम मस्कट पहुंची और चंद्राकर को भारत लेकर लौटी।
दो CBI मामलों में दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
जांच एजेंसी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर दो CBI मामलों में आरोपी है। दोनों मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ED ने भी मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामले में उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के माध्यम से देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। इस नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर विदेश से किया जाता था।
फर्जी बैंक खातों और हवाला के जरिए रकम भेजने का आरोप
CBI की जांच के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर सट्टेबाजी कराई जाती थी। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों में पैनल और ब्रांच संचालित किए जाते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद विभिन्न लेनदेन के माध्यम से रकम को इधर-उधर भेजा जाता था और कथित हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश पहुंचाया जाता था।
CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध कारोबार को संरक्षण देने और संचालन में बाधा रोकने के लिए कुछ सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत दी गई थी। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।
मेडिकल जांच के बाद रायपुर लाने की तैयारी
CBI के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और ट्रांजिट रिमांड के जरिए उसे रायपुर लाया जाएगा। सौरभ चंद्राकर को 2 नवंबर को रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना प्रस्तावित है। अदालत में पेशी के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी। इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगी।
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