छत्तीसगढ़

लव जिहाद विवाद: व्यवसायी के घर फायरिंग, तीन बदमाश गिरफ्तार

Shantanu Roy
26 Sept 2025 10:55 PM IST
लव जिहाद विवाद: व्यवसायी के घर फायरिंग, तीन बदमाश गिरफ्तार
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Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक व्यवसायी के मकान पर बाइक सवार बदमाशों द्वारा की गई फायरिंग ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना में देसी कट्टे से चलने वाली गोलियों से मकान के शटर और दरवाजे को नुकसान पहुँचा, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और साहस के चलते भाग रहे एक आरोपी को पकड़ा गया, जबकि पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार और बाइक भी बरामद कर लिया गया है। इस मामले का प्रमुख कारण कथित रूप से लव जिहाद विवाद बताया जा रहा है।

घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के कसनियां गांव में हुई। जानकारी के अनुसार यह घटना 24 सितंबर की रात हुई, जब पीड़िता अपने परिचित के घर ठहरी थी और रात करीब दो बजे विवाद के बाद बस स्टैंड की ओर जा रही थी। इसी दौरान तीन बाइक सवार युवकों ने उसे बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके (अटल आवास के पीछे) ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म की योजना बनाई। हालांकि, इस मामले में फायरिंग का संबंध सीधे तौसीफ मेमन और उसके परिवार से जुड़ी शादी की विवादित याचिका से जोड़ा जा रहा है।
फायरिंग की घटना और गिरफ्तारी
गुरुवार रात लगभग 9:45 बजे, सिकंदर मेमन के मकान के सामने अचानक गोली चली। एक गोली शटर में लगी जबकि दूसरी दरवाजे के पार चली गई। परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे, और सौभाग्य से किसी को चोट नहीं आई। भागते हुए बाइक सवार आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। पुलिस ने इसके बाद उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के शूटर दुर्गेश पांडे, कोरबा शहर के हर्ष सिंह और आशीष जांगड़े को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी की अभी भी तलाश जारी है।
मुख्य आरोपी और वारदात का मकसद
पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना का पीछे का कारण कोरबा में एक हिंदू लड़की से तौसीफ मेमन की शादी को लेकर विवाद है। तौसीफ मेमन और लड़की की शादी हाईकोर्ट के आदेश के तहत स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत वैध मानी जा सकती थी, लेकिन स्थानीय परिवार और कुछ हिंदू संगठनों के विरोध के चलते आवेदन निरस्त कर दिया गया था।
तौसीफ मेमन और हाईकोर्ट प्रक्रिया
तौसीफ मेमन ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी, जिसमें अदालत ने 15 मई को याचिकाकर्ता को एक लाख रुपए जमा करने के निर्देश दिए। रकम जमा होने के बाद सुनवाई हुई और अदालत ने स्पष्ट किया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं, इसलिए वे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी के लिए स्वतंत्र हैं। इसके बाद तौसीफ ने कोरबा विवाह कार्यालय में आवेदन किया, लेकिन इसे परिवार और संगठनों की आपत्ति के कारण खारिज कर दिया गया।
परिवार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा मांग
पीड़ित पक्ष के तौसीफ मेमन और उनके चाचा सिकंदर मेमन ने बताया कि उन्हें पहले भी फोन और व्हाट्सऐप के जरिए धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाला खुद को विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा बताता रहा। तौसीफ ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय और सामाजिक प्रभाव
इस वारदात के बाद स्थानीय जनता और समुदाय में आक्रोश देखने को मिला। हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव डालते हुए आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। पुलिस ने 36 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़कर सीन रीक्रिएशन और शहर में जुलूस निकाला, जिससे पूरे मामले का खुलासा किया गया।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
कोरबा पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर हथियार और वाहन बरामद कर लिए गए हैं। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मामले में 3 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण
यह घटना समाज में लव जिहाद और परिवारिक विरोध के संवेदनशील मुद्दे को उजागर करती है। साथ ही यह दर्शाती है कि कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा की अहमियत है। हाईकोर्ट ने विवाह को वैध मानने के बावजूद प्रशासनिक विरोध और स्थानीय विवाद के चलते फायरिंग जैसी हिंसक घटना हुई।
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