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Raipur. रायपुर। शहर की जर्जर सड़कों पर गड्ढों के कारण एक और जान चली गई। बारिश के बाद उखड़ी सड़कों और पानी से भरे गड्ढों की अनदेखी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। राजधानी रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र में आमापारा चौक स्थित स्वीपर कॉलोनी के पास मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। जिला सहकारी बैंक के मैनेजर लक्ष्मीकांत तिवारी की कार से कुचलकर मौत हो गई। वे विकासपुरी निवासी थे और अपनी सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बैंक से घर लौट रहे थे।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें लक्ष्मीकांत अपनी एक्टिवा से सड़क किनारे जा रहे थे। अचानक रास्ते में बने गड्ढे में उनकी स्कूटी उछली और वे संतुलन खो बैठे। स्कूटी फिसलने के साथ वे विपरीत दिशा में गिर गए। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार वेगनआर कार ने उन्हें टक्कर मार दी और सिर पर चढ़ते हुए आगे निकल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आमापारा चौक से भाठागांव तक सड़क की हालत बेहद खराब है। इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। सड़क पर कीचड़ जमा रहने से दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में सड़कें पूरी तरह उखड़ गईं थीं, लेकिन अब तक किसी तरह की मरम्मत नहीं की गई। भाठागांव से काठाडीह तक जाने वाला मार्ग तो पूरी तरह से धंस गया है। सड़क के बीचोंबीच गड्ढे बन गए हैं। सड़क के दोनों किनारों पर नाली निर्माण का काम अधूरा पड़ा है, जिसके कारण कई जगहों पर पानी की पाइपलाइन फूट चुकी हैं। पाइपलाइन फूटने से पानी लगातार सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क पर कीचड़ और फिसलन बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निगम प्रशासन सड़क के चौड़ीकरण की योजना के कारण फिलहाल मरम्मत कार्य को टाल रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शहर की कई प्रमुख सड़कों पर इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। खासकर सिविल लाइन, डीडी नगर, पंडरी, टाटीबंध, देवेंद्रनगर और तेलीबांधा जैसे क्षेत्रों में भी सड़कों के गड्ढों से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई जगह तो गड्ढे इतने गहरे हो चुके हैं कि उनमें गाड़ियां आधी धंस जाती हैं। बारिश रुकने के बाद अक्टूबर से सड़कों की मरम्मत का काम शुरू होना था, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत और नई सड़कें बनाने का टेंडर जारी हो चुका है, लेकिन काम शुरू करने में तकनीकी देरी हो रही है।
दूसरी ओर, नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत में हो रही देरी सीधे लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। शहर में पिछले दो महीनों में सड़क हादसों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रैफिक पुलिस ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और निगम प्रशासन से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग की है। नगर निगम के इंजीनियरों ने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह से मरम्मत कार्य शुरू करने की योजना है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़कें ठीक नहीं होतीं, हादसे कम नहीं होंगे। खराब सड़कें सिर्फ दुर्घटनाओं का कारण नहीं बन रहीं, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण भी बढ़ा रही हैं। रायपुर जैसे शहर में रोजाना हजारों वाहन सड़कों पर चलते हैं, लेकिन गड्ढों और धंसाव के कारण यात्रा असुरक्षित बन गई है।
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