छत्तीसगढ़

असाक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने पारा-मोहल्लों में साक्षरता कक्षाएं संचालित की जा रही

Shantanu Roy
8 Aug 2026 10:29 PM IST
असाक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने पारा-मोहल्लों में साक्षरता कक्षाएं संचालित की जा रही
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छग
Mahasamund. महासमुंद। भारत सरकार द्वारा संचालित उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में असाक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पूरे राज्य में आयोजित किए जाने वाले उल्लास महा-चौपाल को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को साक्षरता अभियान से जोड़ते हुए डिजिटल माध्यमों के जरिए जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।

इसी क्रम में विकासखंड महासमुंद अंतर्गत उल्लास साक्षरता केंद्र ग्राम चिंगरौद एवं सरायपाली विकासखंड अंतर्गत छिर्रापाली में शिक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए साक्षरता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। शिक्षार्थियों को केंद्र तक आने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उनकी सुविधा एवं उपलब्धता के अनुसार पारा-मोहल्लों में ही साक्षरता कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षार्थियों को केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं, बल्कि पढ़ना, लिखना और दैनिक जीवन में आवश्यक गणितीय कौशल विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपने दैनिक कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साक्षरता केंद्रों में शिक्षार्थियों को उनकी आवश्यकता एवं सीखने की गति के अनुरूप सरल और व्यवहारिक तरीके से पढ़ाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर शिक्षक, स्वयंसेवी शिक्षक एवं समुदाय के सहयोग से साक्षरता की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 15 अगस्त को ध्वजारोहण के पश्चात् जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में उल्लास डिजिटल शपथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षक, विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस तथा स्काउट-गाइड के सदस्य अपने मोबाइल में उल्लास एप डाउनलोड कर अपने परिवार एवं आसपास के समुदाय से कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का डिजिटल संकल्प लेंगे। उल्लास महा-चौपाल एवं डिजिटल शपथ अभियान के लिए "मेरा राज्य साक्षर राज्य / आजादी का असली उल्लास, जन-जन का विकास” मुख्य थीम निर्धारित की गई है। इस संदेश के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नागरिकों को यह प्रेरणा दी जा रही है कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा और साक्षरता से जुड़े।
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