छत्तीसगढ़

दो जासूस करें महसूस कि दुनिया बड़ी खऱाब है जऱा सोचो, जऱा समझो, जऱा सम्हल के रहियो जी

Admin2
23 July 2021 5:17 AM GMT
दो जासूस करें महसूस कि दुनिया बड़ी खऱाब है जऱा सोचो, जऱा समझो, जऱा सम्हल के रहियो जी
x

ज़ाकिर घुरसेना/कैलाश यादव

देश में अब नेताओ को एक नया काम मिल गया है पेगासस जासूसी मामला, अब सारे नेता कामधाम छोड़कर पेगासस पर ही लड़ते भिड़ते रहेंगे। विपक्षी दल के नेता सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि मोदी सरकार ने उनकी निजता भंग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब भारतीय जासूस पार्टी हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कुछ लोगों की जासूसी हुई है। पेगासस सॉफ्टवयेर बनाने वाली कंपनी के लोग छत्तीसगढ़ आये थे,क्यों आये थे किसने बुलाया था। दूसरे देशों ने जाँच के आदेश भी दे दिए हैं। हमारे यहां अभी तहकीकात होगी। जबकि पेगासस के लोग कह रहे हैं कि भारत में हम सेवाएं दे रहे हैं। अब सवाल ये उठता है कि बिना डील फाइनल किये बगैर कोई सेवा कैसे दे सकता है। क्या केंद्र सरकार को इसकी जानकारी थी ? कहीं सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद से इस्तीफा इसीलिए तो नहीं लिया गया कि उनको सब मालूम था ? बहरहाल किसने क्या किया जाँच में सामने आएगा लेकिन फि़लहाल लोगों को राजकपूर और राजेंद्र कुमार द्वारा अभिनीत 1975 की एक फिल्म दो जासूस का एक गाना लोगो को याद आ रही है। गाने के बोल थे- दो जासूस करें महसूस कि दुनिया बड़ी खऱाब है,कौन है सच्चा कौन है झूठा हर चेहरे पे नकाब है। जरा सोचो, जरा समझो, जरा सम्हल के रहियो जी। 1975 का ये गाना आज बिलकुल फिट बैठ रहा है।

खेला होबे की धूम पूरे देश में

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी खेला होबे का नारा देकर सत्ता के सिंहासन पर क्या बैठी जिसे देखो खेला होबे के नारे से खेलना चाहता है। उत्तरप्रदेश में अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव में ऐलान कर चुके हैं कि उत्तरप्रदेश में खेला होईल का नारा चलेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि अब खेला होबे के नारे को दिल्ली पहुंचने का समय आ गया है। दूसरी तरफ कर्नाटक के भाजपाई मुख्यमंत्री येदियुरप्पा भी खेला होबे के नारे से काफी प्रभावित दिख रहे हैं तभी तो उन्होंने भी खेला कर दिया है। वहां के लिंगायत समुदाय के लगभग तीन दजऱ्न धर्मगुरुओं ने मुलाक़ात कर हौसला दिया है। अब येदि जी का सुर बदला नजऱ आ रहा है। पहले तो बोल रहे थे हाई कमान का आदेश होगा तो वे तुरंत इस्तीफा दे देंगे लेकिन धर्मगुरुओं से मुलाकात के बाद येदि नहीं बल्कि धर्मगुरु बयान दे रहे हैं कि अगर येदियुरप्पा को हटाया गया तो भाजपा को परिणाम भुगतान पड़ेगा। यानि खेला होबे। जनता में खुसुर-फुसुर है कि देश में धर्म की राजनीति करने वाली भाजपा खुद धर्म की राजनीति के चक्रव्यूह में फंसी नजऱ आ रही है। किसी ने ठीक ही कहा है जो बोयेगा वही काटेगा, जब बोये बबूल तो आम कहां से पायेगा।

नेता संसद के अंदर अन्नदाता बाहर

संसद के मानसून सत्र का आगाज़ हो चुका है सदन के अंदर हंगामा हो रहा है। संसद से कुछ ही दूरी पर जंतर-मंतर में किसान संसद चल रही है वहां पर किसान सरकार के खिलाफ हंगामा कर रहे हैं। मतलब हंगामा दोनों जगह हो रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि इस हंगामे से केंद्र सरकार कोई फर्क पड़ रहा है कि नहीं। वर्ना इतने दिनों से हंगामा तो हो ही रहा है जिसे देश ही नहीं पूरी दुनिया के लोग देख रहे हैं वह एक हंगामा और सही ऐसा न हो जाये। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कुछ शर्तो के साथ किसानो को इसकी अनुमति दी है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि पिछले 9 महीने से किसान दिल्ली बार्डर पर डटे हैं। नौ महीने हो गया है शायद अब कुछ रिजल्ट निकल आये । अन्नदाताओं के इस सम्मलेन में पुलिस को अधिकतर किसान खालिस्तानी नजऱ आएंगे। रही सही कसर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कर दी उन्होंने भी किसानो को गुंडा मावली और बिचौलियों का मददगार कह दिया, बहरहाल अन्नदाता आतंकवादी नहीं हो सकते इनका समाधान जल्द निकलना चाहिए।

टीकाकरण के कारण मौत

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल जी कौशिक ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से टीकाकरण के बाद 50 मवेशियों के मरने पर सवाल किया कि इसका जिम्मेदार कौन है। साथ ही चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा कौन सा टीका है जिसके कारण पशुओं की मौत हुई है। उन्होंने सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को रोका-छेका और गौठान के नाम पर पशुधन की रक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा किये जाने की बात कह रहे हैं। और यह भी कह रहे हैं कि सरकार गौठान और गोबर खरीदी के नाम पर वाहवाही लूटने में लगी है। जनता में खुसुर-फुसुर है की जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तब दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक में भाजपा नेता के गौशाला जिसे लाखो रूपये भाजपा सरकार द्वारा पशुधन के चारे के लिए अनुदान के रूप में दिया गया था । उस गौशाला में भूख से 200 से अधिक गायों की मौत हो गई थी। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में कई गौशालाओं में गायों की मौत भूख से हुई थी तब क्या हुआ था। उसका जिम्मेदार कौन था। साथ ही गोबर खरीदी को केंद्र की बीजेपी सरकार तारीफ कर चुकी है और इस योजना को पूरे देश में लागू करने का विचार बना रहे हैं। अब समझ में नहीं आ रहा कि केंद्र के भाजपा नेता सही बोल रहे हैं या प्रदेश के।

जनसँख्या कानून से किसे फर्क पड़ेगा

उत्तरप्रदेश में शीघ्र ही जनसँख्या कानून पास होने जा रहा है। जिसके तहत एक बच्चे वालों को तरह तरह की सरकारी सुविधाएँ मिलेगी और दो से अधिक बच्चे वालों को दंड स्वरुप सरकारी सुविधाओं से महरूम रखा जाने का प्रावधान है। देश के कई राज्यों में यह कानून पहले से ही लागू है जो कांग्रेस की सरकारों के समय बना था। उत्तरप्रदेश से पहले जिन राज्यों में यह कानून लागू हुआ वहां ऐसा शोर नहीं मचा लेकिन आगामी दिनों में उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं इस लिहाज से चुनावी फायदे के लिए वहां की सरकार इस कानून के जरिये अपने वोट बैंक को अलग सन्देश देना चाह रही थी ।लेकिन मामला यहीं पर खऱाब हो गया सब किये धरे पर पानी फिर गया कि इस कानून से उत्तरप्रदेश में अल्पसंख्यकों को कोई फर्क पड़ते नहीं दिख रहा बल्कि हिन्दू लोग इस कानून से ज्यादा प्रभावित होते दिख रहे हैं । जनता में खुसुर-फुसुर है कि योगी जी का यह दांव भी उल्टा न पड़ जाये।

Next Story