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Raipur. रायपुर। सेवा पखवाड़ा के तहत आज आईटीआई परिसर गौरैला में लर्निंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं ने भाग लिया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना और लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ बनाना था। कैंप में उपस्थित सभी आवेदकों के लर्निंग लाइसेंस मौके पर ही तैयार कर उन्हें वितरित किए गए। इसके साथ ही छात्रों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, तथा नियमों की अनदेखी से होने वाले दुष्परिणामों के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल और जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा के मार्गदर्शन में यह कैंप आयोजित किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी गौरैला सौरभ सिंह, सिद्धार्थ शुक्ला और साइबर सेल प्रभारी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सिद्धार्थ शुक्ला ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग, सीट बेल्ट का पालन और यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी आवश्यकता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा से सीधा जुड़ा हुआ है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कैंप में उपस्थित छात्रों को यातायात नियमों के महत्व के साथ-साथ सड़क पर सुरक्षित व्यवहार के लिए भी प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद सही ढंग से वाहन चलाना और नियमों का पालन करना क्यों आवश्यक है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों की बड़ी संख्या यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती है। साइबर सेल प्रभारी ने छात्रों और नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों पर ठगी और फ्रॉड के मामले में सतर्क रहने के उपाय बताए और टोल फ्री नंबर 1930 के माध्यम से किसी भी साइबर अपराध की शिकायत करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा भी सड़क सुरक्षा की तरह महत्वपूर्ण है और हर नागरिक को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। कैंप में छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और लर्निंग लाइसेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा ने बताया कि इस तरह के कैंप से छात्रों को कानूनी रूप से वाहन चलाने का अधिकार तो मिलता ही है, साथ ही उन्हें सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदार ढंग से वाहन चलाने की आदत भी पड़ती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सड़क सुरक्षा और कानून का महत्व समझाने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने सभी छात्रों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और सड़क पर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और नागरिकों को मार्गदर्शन दिया गया कि किसी भी दुर्घटना या अवांछित घटना की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया कैसे देनी है। उन्हें बताया गया कि सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता, सतर्कता और दूसरों को सुरक्षा की दिशा में प्रोत्साहित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंप में भाग लेने वाले छात्रों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें न केवल लर्निंग लाइसेंस बनाने में मदद करेंगे, बल्कि सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत भी देंगे।
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