छत्तीसगढ़

रायपुर और दुर्ग में बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्ड उजागर

Shantanu Roy
4 Oct 2025 10:42 PM IST
रायपुर और दुर्ग में बड़े पैमाने पर फर्जी राशन कार्ड उजागर
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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों के बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत तैयार आंकड़ों की जांच में पता चला कि राज्य में 46 लाख से अधिक सदस्य संदिग्ध हैं। इनमें ऐसे कई परिवार शामिल हैं जिन्होंने डुप्लीकेट आधार कार्ड, मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड में सदस्य जोड़े थे। खाद्य विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन अभियान शुरू किया गया, जिसमें अब तक 1,93,067 फर्जी सदस्य चिन्हांकित कर उनके नाम काट दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि यह कार्रवाई राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
जिलावार आंकड़े
जांच में सबसे ज्यादा फर्जी सदस्य रायपुर राजधानी में पाए गए, जहां 19,574 सदस्य चिन्हांकित किए गए। इसके बाद दुर्ग में 18,112, जांजगीर-चांपा में 17,529, राजनांदगांव में 17,327 और कोरबा में 16,064 फर्जी सदस्य पाए गए। अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सरगुजा में 15,626, बलौदाबाजार में 13,833, महासमुंद में 13,308, धमतरी में 10,937 और कवर्धा में 9,987 सदस्य हटाए गए। गरियाबंद में अपेक्षाकृत कम फर्जी सदस्य मिले, कुल 7,027, वहीं कांकेर में 7,669 सदस्य चिन्हांकित किए गए। अन्य जिलों में जशपुर में 9,727, बालोद में 8,925 और बेमेतरा में 8,641 सदस्य फर्जी पाए गए।
भौतिक सत्यापन अभियान का महत्व
खाद्य विभाग ने बताया कि यह अभियान राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और गरीब परिवारों तक राशन की सही पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। अभियान के तहत प्रत्येक राशन कार्डधारक की पहचान, आधार लिंक और परिवार के वास्तविक सदस्यों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जीवाड़ा रोकने से सरकार की जन वितरण प्रणाली मजबूत होगी और उन परिवारों तक राशन पहुंच सकेगा, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।
संदिग्ध सदस्य की पहचान
फर्जीवाड़ा आम तौर पर डुप्लीकेट आधार, मृतक सदस्य के नाम, या नकली दस्तावेजों से किया गया। इस कारण विभाग ने हर राशन कार्डधारक के दस्तावेजों की भौतिक जांच शुरू की। अभियान के दौरान जिन सदस्यों को फर्जी पाया गया, उनके नाम कार्ड से हटा दिए गए। इस कदम से राशन वितरण प्रणाली में सुधार होगा और गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक राशन सही समय पर पहुंचेगा।
राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि इस अभियान से भ्रष्टाचार कम होगा और लाभार्थियों की संख्या वास्तविक होगी। सरकार लगातार फर्जीवाड़ा रोकने और योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है। खाद्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कोई फर्जी सदस्य या कार्ड दिखाई दे, तो वह इसकी सूचना अधिकारियों को दें। इससे अभियान और प्रभावी बन सकेगा।
भविष्य की योजना
आगे भी विभाग यह अभियान जारी रखेगा और राज्य के सभी जिलों में सभी राशन कार्डधारकों का सत्यापन किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी परिवार को राशन से वंचित न किया जाए और योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के भौतिक सत्यापन अभियान से जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलती है।
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