छत्तीसगढ़

सरकारी जमीनों पर भू-माफिया का कब्जा, कर रहे अवैध प्लॉटिंग

Nilmani Pal
12 Feb 2025 11:15 AM IST
सरकारी जमीनों पर भू-माफिया का कब्जा, कर रहे अवैध प्लॉटिंग
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बड़े-बड़े शो रूम वाले दबा रहे सडक़ किनारे की जमीन

भूमाफिओं को सरकार-प्रशासन का संरक्षण

कांग्रेसी व छुटभ्भैये तेताओं की सांठ-गांठ

सरकारी जमीनों की बंदरबांट, प्रशासन की अनदेखी

बेशकीमती जमीनों पर प्लॉटिंग नालियों और बड़े नालों को दबा रहे

रायपुर। राजधानी के रिंग रोड नंबर 1 में करोड़ों की 16 एकड़ कीमती जमीन और बड़े-बड़े कार शोरूम के आगे-पीछे की जमीनों पर भूमाफियों ने अवैध कब्ज़ा करना शुरू कर दिया है। जिसके चलते 100 फ़ीट नालियों को भी पटवाया जा रहा है। रायपुर आज स्मार्ट सिटी के रूप में उभर कर सामने आ रहा है मगर इस स्मार्ट सिटी के लोग अभी तक उतने स्मार्ट नहीं हुए है। क्योंकि लोगों को ये जऱा सा भी नहीं दिख रहा है कि जैसे-जैसे स्मार्ट सिटी का विकास होते जा रहा है वैसे-वैसे सडक़ों और नालियां का स्तर बढ़ता जा रहा है। मगर वही सूत्रों के मुताबिक कुछ भूमाफियाओं की शर्मनाक करतूत स्मार्ट सिटी को स्मार्ट रहने नहीं देगी।

एक ताज़ा उदाहरण सामने आया है जिसमें रिंग रोड नंबर 1 के पास बने रेनॉल्ट कार शोरूम के पास बने 100 फ़ीट के नालों को भूमाफिया और लोगों की जमीनों में कब्जा करने वालों ने पटवा दिया है। आपको बता दें कि बड़े नालों को भूमाफियाओं ने नालियों को पाट-पाटकर जमीन से जोड़ दिया है। आउटर के ज्यादातर नाले बड़े रसूखदारों ने अपने कांप्लेक्स और कालोनियां बनाने के लिए पाट दिए। शहर के भीतर की छोटी-छोटी नालियों के ऊपर कहीं मकान तो कहीं दुकान तान दिए गए हैं। बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की एक बड़ी वजह यही कब्जे हैं। डी-मार्ट के पास नाले में एक दशक पहले लगभग 100 फीट चौड़ा हुआ करता था मगर अब वही नाला भूमाफियाओं ने पाट दिया है। आउटर का यह वार्ड नगर निगम में शामिल होने के बाद से आसपास तेजी से बसाहटें और व्यावसायिक गतिविधियां बढऩे लगीं। नाले के आसपास कई व्यावसायिक कांप्लेक्स निर्मित हुई। निर्माण धीरे-धीरे बढ़ते हुए नाले तक पहुंच गया। धीरे-धीरे नाले को पाटने का काम शुरू हुआ।

नाला पटते-पटते करीब 30 फीट का रह गया। कार्रवाई कुछ नहीं हो रही। वही एक और मुद्दा रायपुर शहर के कोटा से भी आ रही थी जिसमें श्मशानघाट के पीछे करीब सात फीट चौड़े नाले को पाटकर दो फीट की संकरी नाली बना दी गई है। भूमाफियाओं ने यहां अवैध प्लाटिंग करने के लिए नाले की चौड़ाई ही कम कर दी। इसमें शहर के कुछ छुटभैया नेताओं की संलिप्तता की भी शामिल है। रिंग रोड होते हुए भाठागांव से महादेवघाट में मिलने वाला चिंगरी नाला भी कई जगहों से पट गया है। भाठागांव के पास एक बड़े आवासीय कालोनी की वजह से नाला लगभग खत्म हो गया है। कई प्राइवेट लोगों ने भी नाले के किनारे-किनारे निर्माण कर उसे संकरा कर दिया है।

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