छत्तीसगढ़
भूमि अधिग्रहण मुआवजे में 24 लाख की धोखाधड़ी, 5 फरार आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
9 Jan 2026 11:20 PM IST

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Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले में भूमि अधिग्रहण मुआवजे से जुड़े 24 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अकलतरा थाना पुलिस ने इस मामले में फर्जी आधार कार्ड बनाकर राशि का गबन करने वाले पांच फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पिछले तीन वर्षों से फरार थे और पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर उन्हें पकड़ने में सफलता प्राप्त की। मुआवजे से जुड़े इस प्रकरण की शिकायत ग्राम तरौद निवासी योगेन्द्र सिंह चंदेल ने 8 अप्रैल 2023 को अकलतरा पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी भूमि के.एस.के. वर्धा पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके लिए 24 लाख रुपये की मुआवजा राशि तय की गई थी। मुआवजे की राशि बिलासपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन थी।
इस दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने प्रार्थी और उनके भाई के नाम पर फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर डीसीबी बैंक जांजगीर में एक खाता खोला गया और पूरी मुआवजा राशि निकाल ली गई। अकलतरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस जांच के दौरान खाद्य विभाग से आधार संबंधित जानकारी जुटाई गई। जांच के आधार पर संदेही दीपक दिवाकर और नरेश रत्नाकर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फर्जीवाड़े की पूरी योजना दीपक दिवाकर के ससुर शंकर लाल भारद्वाज, परमेश्वर पाटले और विश्राम भारद्वाज ने मिलकर बनाई थी। आरोपियों ने झूठे शपथ पत्र के माध्यम से आधार कार्ड में नाम बदलवाया और फिर बैंक खाता खुलवाकर मुआवजा राशि आपस में बांट ली। पुलिस ने आरोपी से फर्जी आधार कार्ड, बैंक दस्तावेज, मोबाइल नंबर और फोटो सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अकलतरा थाना पुलिस के अनुसार, इस फर्जीवाड़े की जांच अभी भी जारी है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि बाकी भागीदारों का भी पता लगाया जा सके। साथ ही, धन की वापसी और आरोपी पक्ष की वास्तविक भूमिका का खुलासा किया जा सके। पुलिस अधिकारी ने जनता से अपील की है कि किसी भी वित्तीय या मुआवजा से जुड़े लेन-देन में हमेशा सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के आधार और दस्तावेज़ संबंधी धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। इस मामले से यह स्पष्ट हुआ कि बड़े मुआवजा और सरकारी धन से जुड़े मामलों में फर्जीवाड़े की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता और तकनीकी जांच की आवश्यकता है। अकलतरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियों ने इस मामले में न्याय प्रक्रिया को गति दी है और भविष्य में ऐसे प्रकरणों में कार्रवाई के लिए मिसाल कायम की है। मामले की आगे की जांच के दौरान यह स्पष्ट होगा कि बैंक में कितनी राशि गबन की गई और किस प्रकार यह रकम साझा की गई। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मुआवजे की राशि की वसूली के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
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