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Balrampur. बलरामपुर। जिले के धमनी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर लकड़ी की अवैध तस्करी का भंडाफोड़ किया है। विभाग की संयुक्त टीम ने डिण्डो उप परिक्षेत्र के चेरा परिसर से एक पिकअप वाहन (UP 64 H 3564) को पकड़ा, जिसमें बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी भरी हुई थी। घटना 2 नवंबर 2025 की रात लगभग 7:55 बजे की है। मुखबिर से मिली गुप्त सूचना पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने वाहन की तलाशी ली, जिसमें 61 टुकड़े खैर वृक्ष के मिले। जांच में पाया गया कि लकड़ी का परिवहन बिना अनुमति के किया जा रहा था।
वन अधिकारियों ने बताया कि 1.763 घन मीटर खैर लकड़ी जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹18,665 आंकी गई है। वाहन और लकड़ी को तत्काल कब्जे में लेकर वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क) के तहत अपराध दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि तस्करी में प्रयुक्त वाहन का मालिक गणेश जायसवाल, निवासी बलंगी (बलरामपुर) है, जबकि वाहन चला रहा व्यक्ति दिनेश कुमार (22 वर्ष), निवासी घाघरा (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश) है। दोनों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21993/18 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस कार्रवाई का नेतृत्व उप वन मंडलाधिकारी प्रेमचंद मिश्रा और रेंजर अजय कुमार वर्मा ने किया। अभियान को वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी के दिशा-निर्देश पर अंजाम दिया गया। मौके पर परिक्षेत्र सहायक शल सुरेश प्रसाद यादव, परिसर रक्षक मनदेव प्रसाद गुप्ता, मनीजर यादव, प्रधान आरक्षक संतोष कुमार सिंह, आरक्षक नंदलाल गोस्वामी और सुरक्षा श्रमिक दल की टीम मौजूद थी। टीम ने मौके पर पिकअप वाहन को रोककर जब्त किया और लकड़ी सहित वाहन को राजसात की प्रक्रिया के लिए प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
इस अभियान में ग्राम चेरा के जागरूक ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की सतर्कता से कई बार ऐसे अवैध परिवहन के प्रयास विफल हुए हैं। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें और यदि किसी प्रकार की अवैध लकड़ी कटाई या परिवहन की गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय वन परिक्षेत्र कार्यालय या डायल 112 पर सूचना दें।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। वाहन मालिक और ड्राइवर से पूछताछ के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि लकड़ी कहां से काटी गई थी और इसे किस बाजार या गिरोह को पहुंचाया जाना था। इस कार्रवाई से धमनी वन परिक्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे अवैध परिवहन पर और सख्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि प्रदेश की वन संपदा को नुकसान से बचाया जा सके।
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