छत्तीसगढ़

कांकेर पुलिस का मानवीय चेहरा, मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को परिजनों से मिलाया

Shantanu Roy
18 Sept 2025 7:59 PM IST
कांकेर पुलिस का मानवीय चेहरा, मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को परिजनों से मिलाया
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Kanker. कांकेर। पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों को कायम रखना भी है। इसी की मिसाल पेश की है कांकेर जिला पुलिस ने। थाना ताड़ोकी पुलिस ने दो दिनों से जंगल और खेतों के किनारे भटक रहे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को सुरक्षित पकड़ा, उसकी देखभाल की और फिर परिजनों से मिलवाया। पुलिस की इस पहल की इलाके में जमकर सराहना हो रही है।
खेत-जंगल किनारे मिला अर्धनग्न विक्षिप्त व्यक्ति
थाना ताड़ोकी को सूचना मिली कि ग्राम हवेचुर के खेत और जंगल के पास पिछले दो दिनों से एक अज्ञात व्यक्ति अर्धनग्न और विक्षिप्त हालत में घूम रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दिलेश्वर चंद्रवंशी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम गठित की और मौके पर रवाना किया। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो वहां एक सांवले रंग का, बुजुर्ग और अस्वस्थ व्यक्ति भटक रहा था। टीम ने सहज और सरल व्यवहार दिखाते हुए पहले उससे बातचीत की, उसका नाम-पता पूछा और भोजन-पानी की व्यवस्था की।
नाम और पता सामने आया
बातचीत के दौरान व्यक्ति ने अपना नाम नेहमिया मुंडु पिता स्व. आनंद मुंडु, उम्र 33 वर्ष, निवासी बाढ़ी डौढ़ी, थाना सोयको, जिला खुंटी, झारखंड बताया। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने उसे कपड़े पहनाए और थाना लाकर सुरक्षित रखा। इसके बाद पुलिस ने उसका मुलाहिजा फार्म भरकर सीएचसी अंतागढ़ रवाना किया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
परिजनों को दी गई सूचना
थाना ताड़ोकी पुलिस ने झारखंड के जिला खुंटी के थाना सोयको से संपर्क साधा और नेहमिया मुंडु के परिवारजन को उसकी जानकारी दी। परिजनों को जब इसकी खबर मिली तो वे तुरंत कांकेर रवाना हुए। 18 सितंबर 2025 को नेहमिया मुंडु का बड़ा भाई प्रभुसहाय मुंडु थाना ताड़ोकी पहुंचा। गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने नेहमिया मुंडु को सकुशल परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस पूरी कार्रवाई में न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि मानवीयता का परिचय भी देखने को मिला। पुलिस ने न सिर्फ विक्षिप्त व्यक्ति को सुरक्षित थाने तक पहुंचाया बल्कि उसके भोजन, कपड़े और इलाज का भी ध्यान रखा।
कार्रवाई में पुलिस टीम की भूमिका
इस मानवीय कार्य में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में शामिल अधिकारी और जवानों ने पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम किया।
सउनि शिवचरण मरकाम
सउनि देवेंद्र सहगल
प्रधान आरक्षक संत राम ओट्टी
प्रधान आरक्षक देवनारायण गंगासागर
आरक्षक घासीराम मंडावी
आरक्षक महेंद्र चनापे
आरक्षक रवि ठाकुर
आरक्षक बुधराम दुग्गा
आरक्षक पंकज मरकाम
इन सभी की संयुक्त कोशिशों से एक गुमशुदा मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाया गया।
पुलिस अधिकारियों की सराहना
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आई.के. एलिसेला (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष बंछोर (रा.पु.से.) और नक्सल ऑपरेशन के अनुविभागीय अधिकारी गिरिजाशंकर साव ने पूरी टीम की प्रशंसा की और कहा कि यह पुलिस की मानवीय छवि को दर्शाने वाला उत्कृष्ट उदाहरण है।
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