छत्तीसगढ़
बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी था, हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा
jantaserishta.com
31 Oct 2025 11:50 AM IST

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ज़ाकिर घुरसेना/ कैलाश यादव
सरकार गांव, गरीब, किसान, महिलाओं को रजत जयंती पर्व पर सौगात पर सौगात देकर उपकृत कर दिया है। ताजा मामला छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार ने शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 4,708 शिक्षकों की भर्ती के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। कुल 5,000 पदों में से यह भर्ती पहले चरण के अंतर्गत की जाएगी। वित्त विभाग से अनुमति मिलने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभाग के अवर सचिव ने इस संबंध में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र जारी किया है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि इस 5 हजार पदों में आम आदमी को कितना लाभ मिलेगा। खबर तो यह भी है कि पूरे छत्तीसगढ़ 40 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त है। सरकार वाकई गरीबों के लिए कुछ करना चाह रही है तो इस भर्ती में पूरी तरह पारदर्शिता का ध्यान रखा जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद बेरोजगार लाभ से वंचित न हो जाए।पिछली बार की भांति सीजीपीएससी जैसा हाल न हो जाए कि अब अधिकारियों की मेहरबानी से पढ़ाने वाले स्कूल में पढ़ाने के बजाय जेल में पढ़ाने लग जाएं। क्योकि हर विभाग में एक नहीं कइयों बैठे हुए हैं। शायर रियासत हुसैन रिजवी उफऱ् शौक बहराइची ने ठीक ही कहा है कि बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी था, हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा।
भारतमाला बन गया भारतमाल...
भारतमाला में मुआवजा वितरण में घोटाला करने वाले अधिकारियों औऱ कर्मचारियों के लिए गले की फांस बनने के साथ भारतमाल भी साबित हो रहा है भ्रष्टाचार से लबालब अधिकारी और कर्मचारी मुगालते में थे कि कुछ ले देकर छूट जाएंगे पर ईओडब्ल्यू-एसीबी ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। जिसके कारण उच्च न्यायालय ने भारतमाला परियोजना घोटाले के आरोपी राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिकाएँ खारिज कर दीं। ये सभी अधिकारी ईओडब्ल्यू-एसीबी द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के प्रकरण में आरोपी हैं मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले में सुनवाई की। जिन आरोपियों की याचिकाएं खारिज हुई हैं, उनमें तत्कालीन एसडीएम निर्भय कुमार साहू, लेखराम देवांगन, लखेश्वर प्रसाद किरन, शशिकांत कुर्रे, डी.एस. उइके, रौशन लाल वर्मा और दीपक देव शामिल हैं। साहू के अलावा बाकी सभी आरोपी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी हैं। जनता में खुसुर-फुसुर है कि जो कांड आप करोगे उसकी सजा इसी कलय़ुग में भोगना पड़ेगा। भारतमाला योजना शहरों को गाव से जोड़ते हुए भारत को एक माला की तरह पिरोना था, पर अधिकारियों ने इसे भारत माल समझ कर सारे माल अंदर कर दिए। मगर किसानों ने उनके इस होशियारी का भांडा आंदोलन कर फोड़ दिया, मुआवजा को लेकर जहां-जहां भारत माला निकल रही उन गांवों में किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा देना था, यही अधिकारियों की निय़त डोल गई और किसानों के हक में डाका डालते हुए मुआवजा राशि ही हजम कर गए. वैसे देखा जाए तो इस ऐसे घोटाले के मामले में सीजीपीएससी वाले कुछ लोग फायदे में रहे जिन्हे जमानत मिल गई।
कौन है इस सबके पीछे सरकार जांच करें ...
धर्मांतरण का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है, प्रशासनिक स्तर पर इसकी जांच के साथ वैमनस्य फैलाने वाले हर गतिविधियों पर प्रतिबंध जरूरी है। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम घोटिया सहित कुछ और गांवों में स्थानीय निवासियों ने होर्डिंग लगाकर ईसाई समाज के प्रचारकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। गांव के निवासियों ने किसी भी पादरी या पास्टर के आने पर चेतावनी दी है। ईसाई समाज से जुड़े संगठनों ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि गांव में पादरी और पास्टर के प्रवेश पर रोक लगाया जाना अनुचित है। बोर्ड में साफ लिखा है कि गांव में ईसाई धर्म के पादरी,पास्टर एवं धर्मांतरण के लिए आने वाले धर्मांतरित व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है, ऐसे किसी भी धार्मिक आयोजन पर रोक लगाई जाती है।क्या क्या देखना और सुनना पड़ रहा है
घोटाला से परहेज क्यों करें...
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने 4 आरोपियों को जमानत दे दी है। रायपुर जेल में बंद पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बेटे नितेश सोनवानी, भतीजे साहिल सोनवानी, कारोबारी श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है।चोरों आरोपी पिछले कुछ महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत मंजूर की है। इन पर सीजीपीएससी परीक्षा घोटाले के चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रही है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि इसे भी खुशखबरी कहा जाए क्योंकि सीजीपीएससी घोटाले में जो आरोपी थे वो तो जमानत पर छूट गए है। जबकि इन चारों के खिलाफ एसीबी ईओ्डब्ल्यू ने कोर्ट में 4 हजार पन्नों में आरोप पत्र दाखिल किया था, उन आरोपों की कोर्ट में भी भौतिक परीक्षण हुआ होगा, जब घोटाले करने के बाद भी जमानत मिलती रहेगी तो कोई भी सरकारी भर्ती होगी उसमें घोटाला तो होगा ही। क्योंकि घोटाले करने वालों को मालूम है कि कुछ दिनों बाद जमानत तो मिल ही जाना है, फिर घोटाला से परहेज क्यों करें।
एग्रीटेक पोर्टल बना खलनायक ...
सरकार के निय़म कायदे किसानों के हित में होना चाहिए मगर यहां तो उल्टी ही गंगा बह रही है। सबसे ज्यादा हमारे अन्नदाता ही परेशान है, कभी खाद, बीज, यूरिया हो लेकर रबी औऱ खरीफ की फसल के लिए किसानों को हलाकान होना पड़ रहा है। सरकार के नए-नए नियमों से किसान परेशान हैं. ताजा मामला महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लॉक का है, जहां एग्रीटेक पोर्टल की तकनीकी खामियों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले ही किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सैकड़ों किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एग्रीटेक पोर्टल में हो रही गड़बड़ी को लेकर नाराजगी जताई। धान बेचने के लिए किसानों के पंजीयन अंतिम तारीख 31 अक्टूबर है। अगर तब तक पंजीयन नहीं हुआ तो किसान धान बेच नहीं पाएंगे। किसानों का कहना है कि एग्रीटेक पोर्टल पर आवेदन करने के बावजूद पंजीयन पेंडिंग की स्थिति में अटका हुआ है। इसके चलते धान खरीदी केंद्रों में उनका पंजीयन पूरा नहीं हो पा रहा. पिथौरा ब्लॉक में अब तक 11 सौ से अधिक किसान ऐसे हैं, जिनका पंजीयन पूरा नहीं हुआ है. किसानों ने जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि किसानों के लिए सबसे बड़ा खलनायक़ एग्रीटेक पोर्टल है जो किसानों के पंजीयन को बाधित कर धान बेचने के रास्ते में रोड़ा अटका रहा है। इसका मतलब साफ है कि मंडियों में अवैध धान की धड़ल्ले से बिक्री होने वाली है। क्योंकि वास्तविक किसानों का तो पंजीयन ही नहीं हुआ खरीदी लक्ष्य को पूरा करने अधिकारी औऱ दलाल मिलकर उस लक्ष्य को पूरा कर वास्तविक हकदार के हक में डाका डालेंगे।
निगम में नई परिपाटी की शुरूआत ...
रायपुर नगर निगम में आखिरकार नेता प्रतिपक्ष के नाम पर चल रहा विवाद खत्म हो गया है। निगम प्रशासन ने संदीप साहू की जगह आकाश तिवारी को नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर ने आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि पिछले 10 महीनों से विपक्ष के नेता के चयन को लेकर मतभेद चल रहा था। कांग्रेस पार्षद दल के भीतर नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। अंतत: अब आकाश तिवारी के नाम पर मुहर लगाई, जिसके बाद नगर निगम ने औपचारिक आदेश जारी किया।जनता में खुसुर-फुसुर है कि अब विपक्ष का काम भी सत्ताधारी दल के नेता करेंगे। कौन होगा नेता प्रतिपक्ष इस पर तो विपक्ष को फैसला लेना होगा, पर यहां तो विपक्ष की राजनीतिक पर भी सत्तापक्ष का अतिक्रमण हो रहा है। कांग्रेस के लोग क्या इतने पंगुु हो गए है कि वो तय नहीं कर पा रहे है कि निगम में उनका नेता कौन होगा। अब तो सत्ता पक्ष किसी को भी कुछ भी बना सकता है, क्योंकि विपक्ष तो मूकदर्शक होकर राजनीतिक तमाशा देखने के लिए दर्शक दीर्घा में मिले स्थान से ही खुश नजर आ रहा है।
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