छत्तीसगढ़

रायपुर में पत्रकार दंपत्ति से मारपीट, FIR दर्ज

Shantanu Roy
22 Nov 2025 6:50 PM IST
रायपुर में पत्रकार दंपत्ति से मारपीट, FIR दर्ज
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Raipur. रायपुर। आरडीए कालोनी बोरियाखुर्द में रहने वाले पत्रकार [नाम सुरक्षित], जिन्होंने एक प्रतिष्ठित अखबार में काम करते हैं, उनके अपने बेटे और पत्नी के साथ-साथ उनके साथ भी मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की वारदात हुई। ये घटना दिनांक 21 नवंबर 2025 को शाम लगभग 06.10 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, पत्रकार का बेटा अपने दोस्तो के साथ घर के सामने बातचीत कर रहा था। इसी दौरान मोहल्ले का रहने वाला बफाती खान ने बेटे से कहा कि “तेरे को मारूंगा”। इस पर पिता ने रात्रि करीब 10.10 बजे बफाती खान से सवाल किया कि क्यों उनके बेटे को मारने की धमकी दी जा रही है।


पत्रकार ने बताया कि इस पर बफाती खान और उसका बेटा हसन खान अचानक नाराज हो गए और दोनों ने कहा कि उनके बेटे ने दीवाली के समय गाड़ी में फटाका फोड़ा था, और इसके बाद उन्होंने परिवार के प्रति गंदी गाली गलौज शुरू कर दी। जब पत्रकार ने उन्हें गाली गलौज से रोकने का प्रयास किया, तो दोनों ने उन्हें हाथ-मुक्का और डंडा से मारना शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने आई पत्रकार की पत्नी के साथ भी दोनों आरोपी धक्का-मुक्की और मारपीट करने लगे। आरोपी ने पत्नी का गला पकड़कर हाथ-मुक्का से हमला किया। पत्रकार ने बताया कि आरोपी ने उन्हें धमकी दी कि “यदि आप मोहल्ले में रहना चाहते हैं तो मुझसे दबकर रहना पड़ेगा”।
इस मारपीट के दौरान पत्रकार के सिर, बाएं हाथ और होंठ के पास चोट लगी। वहीं, उनकी पत्नी के दाएं हाथ और गले पर चोट आई। घटना के साक्षी रामकुमार गुबरेले, पायल गुबरेले, करण झा और पूर्वा गुबरेले रहे। पत्रकार ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट थाना में दर्ज कराई है और सख्त कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और भविष्य में किसी तरह की धमकी या मारपीट से बचाव के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
यह मामला स्थानीय सुरक्षा और मोहल्ले में शांति व्यवस्था की चिंता को उजागर करता है। पत्रकार ने बताया कि यह घटना उनके परिवार में तनाव और भय का कारण बनी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस प्रकार की घटनाएं समाज में कानून का उल्लंघन और व्यक्तिगत सुरक्षा के संकट को दिखाती हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर अब जिम्मेदारी है कि आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
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