छत्तीसगढ़

नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा महाप्रबंधक के हस्ताक्षर स्कैन कर बनाया फर्जी नियुक्ति पत्र

Shantanu Roy
2 Sept 2026 11:01 PM IST
नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा महाप्रबंधक के हस्ताक्षर स्कैन कर बनाया फर्जी नियुक्ति पत्र
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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ राज्य बीज और कृषि विकास निगम लिमिटेड में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने निगम के महाप्रबंधक विनोद कुमार वर्मा के हस्ताक्षर को कथित रूप से स्कैन कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर दिया। इस पत्र में एक युवक को डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किए जाने का दावा किया गया था। मामला सामने आने के बाद महाप्रबंधक की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक मामले का खुलासा 29 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे हुआ। निगम के महाप्रबंधक विनोद कुमार वर्मा के मोबाइल पर वॉट्सएप के माध्यम से एक नियुक्ति पत्र की तस्वीर भेजी गई थी। इसके बाद शेखर वर्मा नाम के व्यक्ति ने फोन कर उनसे पूछा कि क्या यह नियुक्ति आदेश वास्तव में निगम की ओर से जारी किया गया है। महाप्रबंधक ने जब वॉट्सएप पर भेजे गए दस्तावेज को देखा तो उन्हें संदेह हुआ। जांच करने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह का कोई नियुक्ति आदेश उनके कार्यालय से जारी नहीं किया गया है। इसके बाद मामला फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए जाने का निकला।
बताया गया है कि फर्जी नियुक्ति पत्र हेमंत साहू के नाम से तैयार किया गया था। दस्तावेज में उसका पता हांडापारा, कसडोल, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा दर्ज किया गया था। पत्र में दावा किया गया कि हेमंत साहू को 6 जुलाई 2026 से कसडोल कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया है। महाप्रबंधक के मुताबिक दस्तावेज में कई ऐसी जानकारियां थीं, जिनसे उसके फर्जी होने का संदेह और मजबूत हुआ। निगम ने पिछले दो वर्षों में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर भर्ती के लिए कोई आवेदन ही नहीं मंगाया है।
इसके अलावा जिस कसडोल कार्यालय में नियुक्ति देने का दावा पत्र में किया गया है, वहां छत्तीसगढ़ राज्य बीज और कृषि विकास निगम का कोई कार्यालय संचालित नहीं है। फर्जी नियुक्ति पत्र में पत्र क्रमांक और जारी किए जाने की तारीख भी दर्ज नहीं थी। इसके बावजूद महाप्रबंधक के हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि उनके हस्ताक्षर को स्कैन कर दस्तावेज में लगाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी नियुक्ति पत्र किस व्यक्ति ने तैयार किया और इसके पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि कहीं सरकारी उपक्रम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर किसी व्यक्ति से रकम वसूलने की कोशिश तो नहीं की गई थी। मामले से जुड़े वॉट्सएप नंबर और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के जरिए आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। महाप्रबंधक की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने 1 सितंबर की रात अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस कॉल डिटेल, वॉट्सएप नंबर, डिजिटल रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने के स्रोत की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान होने के बाद उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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