छत्तीसगढ़

जय हो जय, कर्मा मइया तोर...

Nil dhankar
24 March 2025 3:27 PM IST
जय हो जय, कर्मा मइया तोर...
x

रायपुर। रोशन साहू 'मोखला' (राजनांदगांव) निवासी जनता से रिश्ता के पाठक ने यह कविता ई मेल किया है।

जय हो जय कर्मा मइया तोर,चारों मुड़ा उड़े भगति के सोर।

चूरे हे खिचड़ी प्रेम रस बोर, खावय रे जेला माखनचोर।।

चिबरी गिल्ला नइ जनाईस, तात जुड़ सबो भाव सुहाईस।

रामशाह के तँय बेटी दुलौरिन,कृष्ण भक्ति म सराबोर।।

एक आस बिस्वास भरोसा,अउ रहिथे जेकर मन थिर।

जउन जघा जगदीश्वर रहिथे, वो जघा हो जाथे मंदिर।।

दाई तोर भगति चिन्हाईस,जगन्नाथ जी तोर तीर आईस।

रख सके न पण्डा पुजारी,आरो लेवइया हो जाथे हाजिर।।

तैलिक वंश के तँय कुलदेवी, बगरे हावय जग म सोर।

देव दया के सुग्घर बरखा,भींज जावय रे नैनन के कोर।।

Next Story