छत्तीसगढ़
जग्गी हत्याकांड: अमित जोगी सुप्रीम कोर्ट में SLP किया दाखिल
Shantanu Roy
4 April 2026 8:26 PM IST

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Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट द्वारा पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया और तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई द्वारा प्रस्तुत 11,000 पन्नों की जांच रिपोर्ट और विस्तृत सबूतों के आधार पर यह अहम निर्णय सुनाया।
यह हत्याकांड 4 जून 2003 का है, जब रायपुर में तत्कालीन एनसीपी कोषाध्यक्ष राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि हत्या राजनीतिक और आपराधिक साजिश का परिणाम थी। वारदात को अंजाम देने के लिए सुपारी देकर शूटरों को लगाया गया था। जांच के दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर साक्ष्य छिपाने और फर्जी गवाह खड़े करने के आरोप भी लगे थे। वर्ष 2007 में विशेष अदालत ने कुल 28 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी, जबकि अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। इसके बाद राम अवतार जग्गी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को मामले की पुनः सुनवाई का निर्देश दिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन सप्ताह में सरेंडर का आदेश दिया। पूर्व विधायक अमित जोगी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने हाईकोर्ट के निर्णय पर खेद जताया और कहा कि वे पूरी आस्था और धैर्य के साथ सुप्रीम कोर्ट में न्याय की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सत्य की जीत अवश्य होगी। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला सीबीआई की लंबी और विस्तृत जांच रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और दस्तावेज शामिल हैं। अब सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी के माध्यम से अंतिम निर्णय के लिए सुनवाई होगी, जो कि इस राजनीतिक और संवेदनशील मामले में अहम भूमिका निभाएगा।
राम अवतार जग्गी हत्याकांड छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक विवादित और लंबित मामला रहा है। इस मामले में कई उच्चस्तरीय जांच और अदालत की सुनवाई हुई हैं, लेकिन न्याय प्राप्ति में देरी और विभिन्न स्तरों पर लंबी कानूनी लड़ाई आमजन और परिवार दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद इस मामले में अंतिम न्याय मिलने की उम्मीद है। अमित जोगी की एसएलपी को अदालत द्वारा स्वीकार किया गया है, और आगामी सुनवाई में मामले के सभी पहलुओं और सबूतों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
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