छत्तीसगढ़
सौ किताबों को एक बार पढ़ने से बेहतर एक किताब को सौ बार पढ़ें: डॉ आरती
Shantanu Roy
1 Oct 2026 6:19 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। शहर की शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था YUVA (युवा) में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Drishti IAS, दिल्ली की इंटरव्यू पैनलिस्ट डॉ. आरती शुक्ला दिल्ली से रायपुर पहुंचीं और युवा संस्था में अध्ययनरत विद्यार्थियों को UPSC एवं सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। डॉ. आरती शुक्ला ने कहा कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के लिए डेडिकेशन, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत आवश्यक है। विद्यार्थियों को ऐसे लोगों के साथ रहना चाहिए जो अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर हों और निरंतर अध्ययन कर रहे हों। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि तैयारी के दौरान अनावश्यक सामाजिक गतिविधियों, अत्यधिक मनोरंजन और समय की बर्बादी से कुछ समय के लिए दूरी बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज की गई मेहनत और त्याग का परिणाम जब सफलता के रूप में सामने आता है और विद्यार्थी अधिकारी बनता है, तो उससे अधिक खुशी उसके परिवार को होती है।
पढ़ाई में मन लगाने और पीयर प्रेशर पर भी हुई चर्चा
मार्गदर्शन सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने पढ़ाई में मन नहीं लगने, मोटिवेशन की कमी, Peer Pressure, लक्ष्य को लेकर तनाव तथा कठिन परिस्थितियों से निपटने जैसे अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. आरती शुक्ला ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सरल एवं सहज तरीके से उत्तर देते हुए उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपनी तैयारी जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि वे अब तक 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों के इंटरव्यू ले चुकी हैं तथा देश के विभिन्न राज्यों में जाकर कोचिंग संस्थानों, स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और मोटिवेशन करती हैं।
“समय का पाबंद होना सफलता की पहली सीढ़ी”
समय प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि समयबद्धता व्यक्ति के व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि कोई विद्यार्थी विद्यार्थी जीवन में समय का पाबंद नहीं है, तो अधिकारी बनने के बाद अचानक समय का पाबंद होना कठिन होगा। इसलिए आज से ही समय का सही उपयोग करने और अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि पढ़ाई के लिए बहुत सारी किताबें एक साथ इकट्ठी करने के बजाय सीमित और अच्छी पुस्तकों का बार-बार अध्ययन करना अधिक प्रभावी होता है। किसी विषय को याद करने के लिए उसे बार-बार पढ़ने की आवश्यकता होती है। पहली बार में विषय की सामान्य समझ बनती है, दूसरी और तीसरी बार में समझ गहरी होती जाती है और लगातार पुनरावृत्ति से विषय स्थायी रूप से स्मृति में बैठ जाता है।
“पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद का जरिया बनाएं”
डॉ. आरती शुक्ला ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई को बोझ समझकर नहीं, बल्कि सीखने और समझने के आनंद के रूप में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी किसी विषय को रुचि और आनंद के साथ पढ़ता है, तो उसकी समझ बेहतर होती है और परीक्षा में उसका प्रदर्शन भी अच्छा रहता है। उन्होंने परीक्षा के समय अत्यधिक तनाव लेने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपनी तैयारी पर विश्वास रखना चाहिए। परीक्षा से पहले केवल परिणाम की चिंता करने के बजाय अपनी तैयारी और मेहनत पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के अंत में YUVA के संस्थापक श्री M. Rajiv ने डॉ. आरती शुक्ला का आभार व्यक्त किया और दिल्ली से रायपुर आकर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने के लिए उन्हें धन्यवाद एवं बधाई दी। YUVA परिवार ने बताया कि डॉ. आरती शुक्ला भविष्य में भी संस्था के साथ जुड़ी रहेंगी और समय-समय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन एवं मोटिवेशन करती रहेंगी। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने इस मार्गदर्शन सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
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