50 नक्सलियों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़ना बहुत हर्ष का विषय : अमित शाह

रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, बहुत हर्ष का विषय है कि बीजापुर (छत्तीसगढ़) में 50 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया। हिंसा और हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वालों का मैं स्वागत करता हूँ। मोदी जी की नीति स्पष्ट है कि जो भी नक्सली हथियार छोड़कर विकास का मार्ग अपनाएँगे, उनका पुनर्वास कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। बाकी लोगों से भी मैं पुनः अपील करता हूँ कि वे हथियार त्याग कर मुख्यधारा में आएँ। 31 मार्च 2026 के बाद देश में नक्सलवाद केवल इतिहास बनकर रह जाएगा, यह हमारा संकल्प है।
#WATCH | Bijapur, Chhattisgarh | In a big success against naxalism, 50 naxals, with a bounty of about 68 lakhs, surrendered in front of Bijapur police.
— ANI (@ANI) March 30, 2025
Our efforts against naxalism in naxal areas will continue. Its consequence is either surrender, arrest or neutralization:… pic.twitter.com/98I55q108V
वहीँ विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले में एक साथ 50 नक्सलियों के आत्मसमर्पण पर सुरक्षाबलों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की नई आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति – 2025 के सकारात्मक परिणाम अब ज़मीन पर स्पष्ट दिखने लगे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कुचक्र में फंसे लोग अब बंदूक छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, यह परिवर्तन स्वागतयोग्य है। हमारी सरकार हर उस व्यक्ति के पुनरुत्थान के लिए तत्पर है, जो लाल आतंक छोड़ शांति का रास्ता चुनता है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी दोहराया कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2026 तक वामपंथी उग्रवाद के समूल उन्मूलन के संकल्प का ही परिणाम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर अंचलों में सड़कों का निर्माण, स्कूलों और अस्पतालों की स्थापना ने बस्तर क्षेत्र में सरकार के प्रति विश्वास और उम्मीद की लौ जगाई है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, यह भरोसे की वापसी है। जो कल भय का प्रतीक थे, वे आज भविष्य की उम्मीद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और नवचेतना के पथ पर आगे बढ़ रहा है।





