छत्तीसगढ़

पीएम जनमन आवास की जियो टैगिंग में अनियमितता, सचिव निलंबित

Shantanu Roy
24 Dec 2025 10:03 PM IST
पीएम जनमन आवास की जियो टैगिंग में अनियमितता, सचिव निलंबित
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छग
Ambikapur. अंबिकापुर। जनपद पंचायत मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत पेंट में शासन की महत्वाकांक्षी योजना पीएम जनमन के तहत स्वीकृत आवासों की जियो टैगिंग में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय अग्रवाल ने लापरवाही और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत पेंट के सचिव पन्नालाल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत मैनपाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 13 नवंबर को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस प्रतिवेदन के अनुसार 26 जून को ग्राम पंचायत पेंट का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, विकासखंड समन्वयक एवं तकनीकी सहायक मनरेगा द्वारा किया गया था। निरीक्षण के दौरान पीएम जनमन योजना अंतर्गत स्वीकृत आवासों की जियो टैगिंग प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता पाई गई।
अनियमितता सामने आने के बाद ग्राम पंचायत पेंट के सचिव पन्नालाल गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में उनसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन सचिव द्वारा अपने बचाव में कोई भी उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रशासन ने इसे उच्च अधिकारियों के आदेशों और निर्देशों की खुली अवहेलना माना। जिला पंचायत सीईओ विनय अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा है कि सचिव द्वारा कार्य दायित्वों का निर्वहन लापरवाहीपूर्वक किया गया, जो स्पष्ट रूप से अनुशासनहीनता को दर्शाता है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के विपरीत है। इसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (क) एवं (ख) के तहत सचिव पन्नालाल गुप्ता को निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान सचिव पन्नालाल गुप्ता का मुख्यालय जनपद पंचायत मैनपाट नियत किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने पंचायत कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। जनपद पंचायत मैनपाट अंतर्गत ग्राम पंचायत राजापुर के सचिव मधिम राम को ग्राम पंचायत पेंट का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक सौंपा गया है। इसी क्रम में जिला पंचायत सीईओ द्वारा मनरेगा योजना के तहत कार्य में लापरवाही बरतने वाले 4 रोजगार सहायकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है। इनमें से 2 रोजगार सहायकों को पद से पृथक कर दिया गया है, जबकि शेष 2 रोजगार सहायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।
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