छत्तीसगढ़

IPL सट्टा खाईवाल बाबू पठान, आशु शर्मा और इमरान पकड़ से बाहर

Nil dhankar
23 April 2026 11:57 AM IST
IPL सट्टा खाईवाल बाबू पठान, आशु शर्मा और इमरान पकड़ से बाहर
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दुबई सटोरियों का हेडक्वार्टर,आशु शर्मा अब बना नया सट्टा किंग, राजधानी के खाईवाल-सटोरियों से जुड़ा लिंक

गुढिय़ारी, गोगांव, सरोरा, समता कालोनी , गीता नगर, रामनगर मोहबाबाज़ार,कोटा क्षेत्र में आशु शर्मा का गैंग सक्रिय

आईपीएल के दौरान सटोरियों ने आनलाइन कारोबार से करोड़ों कमाए

अनिल-आलू राजधानी से बाहर बैठकर चला रहा कारोबार, ईमरान (इ मू) कोटा सरस्वती नगर क्षेत्र में खुले आम कर रहा सट्टे का काम

देश-विदेश से करोड़ों रुपए की खाईवाली और बुकिंग की गई

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद भी सटरियों का गैंग सक्रिय

रायपुर (जसेरि)। राजधानी में एक कांग्रेस नेता के रिश्तेदार आशु शर्मा सट्टे का बेताज बादशाह बनने जा रहा है। गुढिय़ारी, गोगांव, सरोरा, समता कालोनी , गीता नगर, रामनगर मोहबाबाज़ार,कोटा क्षेत्र में आशु शर्मा का गैंग बेखौफ होकर सट्टा संचालित कर रहा है। देखा जा रहा है कि सट्टा का कारोबार अब केवल एक जगह या एक देश तक ही सीमित नहीं रह गया है यह अब वैश्विक स्तर पर पैर पसार चुका है। राजधानी में कई बड़े सटोरिए है जो आईपीएल से लेकर नागपुर-मुंबई में चलने वाले वन-टू-का फोर और फोर-टू का वन की तर्ज पर चल पड़ा है। गौरतलब है कि पुलिस लगातार सटोरियों को दबोचने के लिए राजधानी के सभी वार्डों में छापामार कार्रवाई कर रही है इससे साफ हो जाता है कि राजधानी में सट्टा लोगों के सिर चढक़र बोल रहा है। सट्टे के लेनदेन को लेकर कई लोग अपनी जान तक गंवा बैठे हैं कई परिवार तबाह हो चुके है। आईपीएल के दौरान रायपुर में बैठकर सटोरियों ने विदेशों से करोड़ों रुपए के कारोबार को अंजाम दिया है। ऑनलाइन सटोरियों ने तो दुबई के बुर्ज खलीफा में भी लेट लेकर वहीँ रहकर इण्डिया से जुडक़र सट्टे को अंजाम दे रहे हैं। देखा जा रहा है कि राजधानी में सट्टा और अवैध नशा गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चलाकर तस्करों को पकड़ रही है उसके बाद भी रोज नए मामले सामने आ रहे है। सट्टे के खेल को देखकर ऐसा लग रहा है कि सटोरियों को पकडऩे के लिए पुलिस को अलग से सेल बनाने की जरूरत पड़ेगी।

बताया जा रहा है कि रायपुर के सटोरियों का दुबई के सटोरियों का सीधा संपर्क है। राजधानी में युवक कांग्रेस का एक पदाधिकारी भी सट्टे के खेल में शामिल है और पुलिस से सेटिंग करने की जि मेदारी भी उसी पदाधिकारी छुटभैये नेता की होती है। आनलाइन सट्टा की बुकिंग और खाईवाली अब राजधानी से दूर सात समंदर पार से हो रही है। बाबू खेमानी और दूसरे सट्टेबाजों के गिर त में आने के बाद लोगो को लगा था की अब आशु शर्मा पर भी शिकंजा कसेगा लेकिन उल्टा आशु का कारोबार और भी फ़ैल गया है। बताया जाता है की आशु शर्मा राजधानी में सट्टे का बेताज बादशाह बनने की ललक रखता है।

दुबई है बर्बादी के खेल का हेडक्वार्टर

सट्टा कारोबारियों की पैठ इतनी गहरी है कि आईपीएल सीजन हो या सामान्य दिनों का सट्टा हो रायपुर से सीधा कनेक्शन है। दुबई में भी क्रिकेट की दिवानगी देखी गई है, वहां के अमीर क्रिकेट का संचालन वहां बैठकर पूरे विश्व में करते है। दौरान मैचों की बॉल टू बॉल जानकारी सीधे दुबई को देते है।

सट्टे का काला कारोबार

सट्टा कारोबारियों की पैठ इतनी गहरी है कि पिछले साल इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान मैचों की बॉल टू बॉल जानकारी सीधे दुबई देने के लिए दो बुकी एक्रीडिटेशन कार्ड बनवाकर स्टेडियम में घुस गए थे। हालाँकि पुलिस की नजऱ से वे बच नहीं पाए थे और स्पॉट में धार दबोचे गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक स्पेशल सेल ने जांच की तो पता चला कि दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेटअसोसिएशन के लोगों की मिलीभगत थी। मैदान और टीवी में चलने वाले गेम में एक बॉल का अंतर होता है। बुकी दांव में इसी का फायदा उठाते हैं। फोन और लैपटॉप को खंगाला, जो दुबई से चलने वाले ऑनलाइन बेटिंग ऐप आइस, डायमंड और स्काई से जुड़े मिले।

डिब्बे वाला सट्टा

एक फोन, जिसे डिब्बा कहते हैं, पर क्रिकेट मैच का भाव चलता है। अगर पंटर डिब्बा नहीं खरीद सकता तो बुकी को कॉल कर भाव पूछता है। बॉल, ओवर, विकेट, रन, छक्का-चौका, हार-जीत, सेशन सभी पर पंटर पैसा लगाते हैं। दांव के लिए किसी की गारंटी दिलवानी पड़ती है। लेन-देन कैश में होता है।

ऑनलाइन बेटिंग

क्रिकेट ही नहीं फुटबाल, टेनिस और रग्बी समेत सभी खेलों के लिए एंड्रॉयड और आईओएस बेस्ड ऐप के अलावा ऑनलाइन गेम वेब पोर्टल पर भी ये सट्टा चलता है। ये दुबई से ऑपरेट होता है। भारत में इनके एजेंट सटोरियों के लिए आईडी क्रिएट कर पासवर्ड देते हैं। एजेंट को दुबई से कमीशन मिलता है।

पर्ची वाला सट्टा

पर्ची वाला सट्टा गरीब सटोरियों का खेल है। पर्ची पर 1 से 99 तक नंबर लिखे होते हैं। एक रुपये लगाने पर अगर नंबर लग गया तो 9 रुपये फालतू मिलते हैं। इसका नंबर भी सेंट्रलाइज खुलता है, जिसके बाद नीचे बुक चलाने वालों को भेजा जाता है। पर्ची वाले सट्टे में दिन में चार बार नंबर निकलता है।

एजेंट रखते हैं हिसाब-किताब

एक राष्ट्रीय न्यूज वेव साईट की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के ईस्ट जिला पुलिस ने जून 2021 में आईपी एक्सटेंशन से एक मिकेनिकल इंजीनियर को दुबई के बुकियों के लिए भारत में एजेंट के तौर पर काम करते पकड़ा था। इससे 3 करोड़ 50 लाख रुपये जब्त हुए थे, जो सटोरियों से लेन-देन का हिसाब रखता था। ये दुनिया के किसी भी कोने में सट्टा खेलने के लिए गैंबलिंग विंडो मुहैया करा देता था। पंटर घर बैठे ऑनलाइन सट्टा खेल सकते थे और फोन कॉल की जरूरत नहीं होती है। ये भी स्काई, आइस गोल्ड और डायमंड जैसे ऑनलाइन बेटिंग ऐप से ऑपरेट कर रहा था। इन्हें गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। आईडी और पासवर्ड इससे लेना पड़ता था।

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