छत्तीसगढ़

अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 11 किलो गांजा और लग्जरी XUV कार जब्त

Shantanu Roy
1 Sept 2025 9:05 PM IST
अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरफ्तार, 11 किलो गांजा और लग्जरी XUV कार जब्त
x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और थाना सिंघोड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 11 किलोग्राम गांजा, लग्जरी XUV कार और चार मोबाइल फोन समेत कुल 7,10,500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। यह कार्रवाई 1 सितंबर 2025 को की गई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की XUV कार (RJ 25 UB 0012) में तीन व्यक्ति ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर अवैध गांजा लेकर आ रहे हैं।

नाकाबंदी और कार की गिरफ्तारी
सूचना के बाद ANTF और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-53 पर स्थित सिल्की ढाबा के पास ग्राम गनियारीपाली में नाकाबंदी की। कुछ देर बाद मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए से मेल खाती सफेद रंग की XUV कार दिखाई दी। पुलिस ने तुरंत गाड़ी को रोककर सवार तीनों व्यक्तियों को बाहर निकाला और पूछताछ शुरू की। गाड़ी में बैठे तीनों व्यक्तियों ने अपने नाम दीपक शर्मा (39 वर्ष), सुरेंद्र कुमार (34 वर्ष) और महावीर सेन (35 वर्ष) बताए। सभी आरोपी बारा, राजस्थान के निवासी हैं। शुरूआती पूछताछ में उन्होंने गोलमोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती बरतने पर उन्होंने गांजा की तस्करी की बात कबूल कर ली।

कार की डिक्की से गांजा बरामद
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि कार की डिक्की में एक प्लास्टिक बोरी में 11 किलोग्राम गांजा रखा गया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि गांजा ओडिशा के फुलवानी से लाया गया था और इसे राजस्थान के बारा जिले में पहुंचाया जाना था। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कार की डिक्की से गांजा जब्त किया। जब्त गांजे की बाजार कीमत लगभग 1,80,000 रुपये आंकी गई है। साथ ही, आरोपियों की लग्जरी XUV कार (मूल्य 5,00,000 रुपये) और चार मोबाइल फोन (कुल मूल्य 30,500 रुपये) भी जब्त किए गए। इस प्रकार पुलिस ने कुल 7,10,500 रुपये की संपत्ति अपने कब्जे में ली है।

कानूनी कार्रवाई और जेल भेजा गया
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(ब) के तहत मामला दर्ज किया है। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी लंबे समय से ओडिशा और राजस्थान के बीच गांजा की तस्करी कर रहे थे। गांजा उड़ीसा के जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों से सस्ते दामों पर खरीदकर राजस्थान और मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और तस्करी चैनल की जानकारी जुटा रही है। एएनटीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। बीते कुछ महीनों में कई जिलों में गांजा, अफीम और नशीली गोलियों की खेप पकड़ी गई है। इस कार्रवाई से यह साफ होता है कि पुलिस तस्करी की हर कड़ी पर नज़र बनाए हुए है और अंतरराज्यीय स्तर पर फैले नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
Next Story