छत्तीसगढ़
अंतर्राज्यीय डीजल चोरी गिरोह का भंडाफोड़, सरगना सहित 9 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
18 Jun 2026 10:57 PM IST

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Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय चोरी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो रात के समय हाईवे और अन्य स्थानों पर खड़े ट्रक और बसों से डीजल चोरी करता था। पुलिस के अनुसार, जिले में बढ़ती छोटी-बड़ी चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक (दुर्ग रेंज) अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य ने किया।
13 जून को पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान पहले चरण में दो आरोपियों शिवपाल और देवेंद्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, सूमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, एक मोबाइल फोन और लगभग 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 5,51,000 रुपये आंकी गई थी। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच तेज की और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की। सायबर सेल और थाना बालोद पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के बाकी सदस्य रायपुर के उरला क्षेत्र में एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं। इस पर पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी कर दबिश दी और बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनू वाल्मिकी, गणेश साव, अरुण फुलेरिया, तुषार माली, राहुल चंदेल, राकेश चंदेल, होकम सिंह मालवी और धरमराज फुलेरिया को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए। आरोपियों ने बताया कि मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के दुपाड़ा गांव निवासी ‘क्रिश’ नामक युवक उन्हें चोरी के लिए प्रेरित करता था और चोरी का डीजल भिलाई (सुपेला) के गणेश साव को बेचा जाता था। गणेश साव इस पूरे नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभाता था और चोरी के डीजल की खरीद-बिक्री में कमीशन के आधार पर भुगतान करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गणेश साव ही आरोपियों को डीजल चोरी के लिए गैलन, पाइप और अन्य उपकरण उपलब्ध कराता था। गिरोह के सदस्य स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियों का उपयोग कर अलग-अलग क्षेत्रों में वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी जैसे क्षेत्रों में खड़ी वाहनों को निशाना बनाते थे। वे डीजल टैंक के लॉक तोड़कर पाइप के माध्यम से डीजल निकालते और गैलन में भरकर मौके से फरार हो जाते थे। इसके बाद यह डीजल तय नेटवर्क के माध्यम से खरीदारों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस ने बताया कि इस पूरे गिरोह का अंतर्राज्यीय नेटवर्क है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश के भी कुछ लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से डीजल चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण आने की उम्मीद है। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन और सप्लाई चैन की भी जांच कर रही है। साथ ही अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
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