छत्तीसगढ़

टूरिस्ट परमिट वाली बसों से चल रही है अंतर्राज्जीय बस कनेक्टिंग सेवा

Nilmani Pal
28 July 2025 11:40 AM IST
टूरिस्ट परमिट वाली बसों से चल रही है अंतर्राज्जीय बस कनेक्टिंग सेवा
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जनता से रिश्ता की खबर पर लगी मुहर

एक ही परमिट से कई सीमावर्ती राज्यों में चल रही हैबस

प्रदेश में चल रही सभी बसों को जारी परमिट की जांच की हो

सरकारी खजाने में डाका डालने चल रहा बस का गोरखधंधा

टैक्स चोरी का नया आइडिया एक ही नंबर के दो-दो बसें और परमिट एक

रायपुर। जब से पंडरी से उठकर भाठागांव बस स्टैंड आया है और अंतर्राज्यीय बस स्टैंड हुआ है तब से अब तक यहां एैसे -एैसे कारमाने हो रहे जो सरकार के भी पल्ले नहीं पड़ रही है। प्रदेश भर बस संचालित करने वाले बस मालिकों का मिली-जुली सांठ गांठ से टैक्स चोरी का खेला चल रहा है। ये भी शराब घोटाले की तरह हा है इसमें भी अब तक जब से राज्य बना है तब से एक परमिट से कई बस चलाने का खेल चल रहा है। अलग-अलग राज्य़ों में एक ही नंबर की बस चलाकर हर माह करोड़ों छाप रहे है और सरकार को अरबों का चूना लगाने का वाला सिडिंकेट पूरी मुस्तैदी से बसों को संचािलत कर रहा है। इससे पूर्व संभागीय बस आपरेटर्स संघ ने महिंद्रा ट्रेवल्स समेत रायपुर के बसों को जारी 50 से 70 परमिट फर्जी होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग पहले भी संघ व्दारा की जा चुकी है। वहीं शहर में चल रहे बुकिंग काउंटरों को भी अवैध बताया गया है। एजेंटों के लाइसेंस की जांच किए जाने की मांग एसपी से की गई है।

संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह कुशवाह व पदाधिकारियों ने नया बस स्टैंड स्थित कार्यालय से जारी विज्ञिप्त में बताया कि रायपुर की विभिन्न ट्रेवल्स कंपनियों का शहर में बुकिंग आफिस चल रहा है। इनके एजेंटो को शासन द्वारा लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। फलस्वरूप बुकिंग एजेंट के रूप से असामाजिक तत्व सवारी भरने व टिकट काटने का काम कर रहे हैं। इनके चलते आए-दिन स्थानीय बस संचालकों से विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। संघ द्वारा इस बारे में पुलिस अधीक्षक को शिकायत आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। पदाधिकारियों के अनुसार रायपुर से जगदलपुर, बैलाडीला, कोंटा व भोपालपटनम रूट पर चलने वाली डीलक्स श्रेणी की बसों को परमिट शर्तों के अनुसार 50 किलोमीटर तक सवारी उठाने की अनुमति नहीं है जबकि बस चालक-परिचालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसके चलते लोकल बस आपरेटर्स को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।

गैरकानूनी रूप से चल रही रायपुर की बसें

संघ ने यह भी आरोप लगाए हैं कि रायपुर व दुर्ग से संचालित बस मालिक आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते लोकल बसों के समय चक्र के दौरान बसें अंदरूनी मार्गों पर चलाई जा रही हैं। साथ ही महिंद्रा ट्रेवल्स रायपुर द्वारा बिना परमिट के रायपुर से मलकानगिरी, कालीमेला व रायपुर से कालीमेला व्हाया सुकमा रूट पर बिना परमिट वाहन चलाया जा रहा है। स्थानीय बस संचालकों के विरोध जताने पर महिंद्रा ट्रेवल्स के संचालक ने मारपीट की झूठी रिपोर्ट बोधघाट थाने में दर्ज करवाई है। संघ ने एसपी को सौंपे शिकायत में कहा है कि स्थानीय बस संचालक संवेदनशील इलाकों में बस संचालन कर आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके सामने बस संचालन बंद करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचता है।

पिछले दिनो परिवहन विभाग ने टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग करने वाली 50 से ज्यादा यात्री बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1 लाख 61400 रुपए बतौर जुर्माना वसूल किया। साथ ही परमिट नियमों का उल्लंघन करने वाली 4 बसों को जब्त किया। यह अभियान प्रदेशभर की सभी जिला उडऩदस्ता टीम और चेकपोस्ट में चलाया जा रहा है।

बताया जाता है कि टैक्स चोरी करने और टूरिस्ट परमिट लेकर अंतरराज्यीय बसों का संचालन करने की शिकायत पर यात्री बसों की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि ऑपरेटर टूरिस्ट परमिट पर बसों को चला रहे थे। उक्त बसों के परमिट और दस्तावेजों को जब्त कर पंचनामा बनाया गया है। बता दें कि टूरिस्ट परमिट किसी विशेष प्रायोजन के लिए जारी किया जाता है। यात्रियों की सूची, टाइमिंग और परिचालन मार्गों का ब्यौरा देने पर इसे जारी किया जाता है। इसका उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है। लेकिन, बस मालिक टैक्स चोरी करने इसका दुरुपयोग कर रहे थे। इसकी शिकायत मिलने पर अभियान शुरू किया गया है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से दूसरे राज्यों के बीच अंतरराज्जीय समझौते के तहत 300 बसों का संचालन किया जाता है। लेकिन, निर्धारित परमिट से करीब डेढ़ गुुना बसों का संचालन किया जा रहा था। टैक्स चोरी करने के लिए टूरिस्ट परमिट के दस्तावेजों में हेराफेरी और कूटरचना कर संचालन किया जा रहा था। ऑपरेटर अपनी मर्जी से राज्य के भीतर और अंतराज्यीय परिवहन सेवा के तहत दूसरे राज्यों तक इसे चला रहे थे। इसे देखते हुए शहर के ऑउटर से लेकर राज्य की सीमा पर बनाए गए चेकपोस्ट में इसकी जांच की गई। जांच के दौरान पकड़े गई बसों के मालिकों से टैक्स और परमिट का ब्योरा मांगा गया है।

टूरिस्ट परमिट की आड़ में चल रही 400 यात्री बसें

छत्तीसगढ़ के रायपुर में परिवहन विभाग ने टूरिस्ट परमिट का दुरपयोग करने वाली 50 से ज्यादा यात्री बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 30000 रूपए से ज्यादा का जुर्माना वसूल किया। इसके लिए प्रदेशभर के सभी जिलों में अभियान की शुरूआत की गई है। रिंग रोड सुंदरनगर में बसों को रोककर परमिट और दस्तावेजों की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि टूरिस्ट परमिट लेकर अंतराज्यीय बसों का संचालन किया जा रहा था। ऑपरेटर टूरिस्ट परमिट लेकर यात्रियों का परिवहन कर टैक्स की चोरी कर रहे थे। उक्त बसों के परमिट और दस्तावेजों को जब्त किया गया है।

टूरिस्ट परमिट किसी विशेष प्रायोजन के लिए जारी किया जाता है। यात्रियों की सूची, टाइमिंग और परिचालन मार्गो का ब्यौरा देने पर इसे जारी किया जाता है। इसका उपयोग केवल एक बार किया जा सकता है। लेकिन, बस मालिक टैक्स चोरी करने इसका दुरपयोग कर रहे थे। इसकी शिकायत मिलने पर अभियान शुरू किया गया है।

परमिट निरस्त होगा

अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर ने कहा की टूरिस्ट परमिट का दुरपयोग करने वाली बसों को ब्लैक लिस्टेड कर परमिट को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चालानी कार्रवाई करते हुए उनके संचालन पर रोक लगाई जाएगी।

अंतराज्जीय समझौते के तहत 300 बसों का संचालन

प्रदेश के विभिन्न जिलों से दूसरे राज्यों के बीच अंतराज्जीय समझौते के तहत 300 बसों का संचालन किया जाता है। नियमानुसार उक्त बसों को परमिट जारी किया गया है, लेकिन निर्धारित संया से कई गुना बसों का संचालन टूरिस्ट परमिट पर किया जा रहा था। टैक्स चोरी करने के लिए दस्तावेजों में हेराफेरी और कूटरचना कर अपनी मर्जी से कई फेरा लगवाए जा रहे थे।

बताया जाता है कि टूरिस्ट परमिट पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालन भी किया जा रहा था। अंतरराज्यीय मार्गो पर बसों की संया में इजाफा होने के बाद भी टैक्स कम मिलने की जानकारी मिलने पर सभी जिलों के उडऩदस्ता की टीम को जांच करने के निर्देश दिए गए है। साथ ही टूरिस्ट परमिटों के संया और संचालित बसों का ब्यौरा भी मांगा गया है।

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