छत्तीसगढ़

सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध वन्यजीव गतिविधियों पर मंथन अंर्त्तरवनमण्डलीय बैठक का आयोजन

Shantanu Roy
3 Feb 2026 8:35 PM IST
सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध वन्यजीव गतिविधियों पर मंथन अंर्त्तरवनमण्डलीय बैठक का आयोजन
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छग
Balrampur. बलरामपुर। वनमण्डल कार्यालय बलरामपुर में वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी की अध्यक्षता में अंर्त्तरवनमण्डलीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अर्न्तराज्यीय समन्वय को मजबूत करते हुए वन संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी रणनीति तैयार करना रहा।

मानव-वन्यजीव द्वंद और अवैध गतिविधियों पर गहन चर्चा
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ रही मानव-वन्यजीव द्वंद, अवैध वनोपज परिवहन, वन्यप्राणी शिकार तथा अवैध तस्करी की गतिविधियों को न्यूनतम करने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के बढ़ते विचरण से ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही क्षति और मानव-हाथी संघर्ष एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

अंतरराज्यीय समन्वय और साझा रणनीति पर जोर
अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियां राज्य की सीमाओं से परे होती हैं, ऐसे में इन चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय, सूचना आदान-प्रदान प्रणाली और साझा रणनीति को और सशक्त करने की आवश्यकता है।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
बैठक में पलामू टाइगर प्रोजेक्ट उत्तरी प्रमण्डल (झारखण्ड) के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना, आरएफओ अजय कुमार टोप्पो, फील्ड बायोलॉजिस्ट तापस कर्मकार, जीआईएस एक्सपर्ट मनीष कुमार बक्शी, आईबीओ श्रवण कुमार गुप्ता, रजनीश कुमार सिंह, एसबीओ सत्यनारायण उरांव, डिजिटल मैनेजर अमन कुमार, ग्रासलैंड एक्सपर्ट अभय कुमार, वेटनरी सर्जन डॉ. सुनिल कुमार, एसबीओ देवपाल भगत, उप वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह, आरएफओ निखिल सक्सेना सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में यह सहमति बनी कि वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास, तकनीकी सहयोग और सतत निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
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