छत्तीसगढ़
धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने राज्यभर में सघन कार्रवाई
Shantanu Roy
20 Jan 2026 8:13 PM IST

x
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-केंद्रित बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अवैध धान परिवहन, भंडारण, विक्रय एवं मिलिंग अनियमितताओं के विरुद्ध राज्यभर में व्यापक और सघन अभियान चलाया जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा अंतर्राज्यीय सीमाओं, धान खरीदी केंद्रों, राइस मिलों एवं संदिग्ध स्थलों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सुनिश्चित हो सके।
खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि राज्य सरकार धान उपार्जन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान-हितैषी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन, भंडारण, बिक्री अथवा मिलिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि धान उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों को ही मिले। बिचौलियों, फर्जी टोकन, मिलावट, अंतर्राज्यीय अवैध परिवहन और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्यभर में राजस्व, खाद्य, मंडी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सतत निगरानी एवं भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहाँ संबंधित व्यक्ति, संस्था अथवा मिल संचालक के विरुद्ध छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य सचिव ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीदी व्यवस्था की शुचिता बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सरायपाली विकासखंड अंतर्गत रेहटीखोल क्षेत्र में बीती रात संयुक्त टीम द्वारा एक ट्रक से 694 बोरा धान जब्त किया गया। जब्त धान का कुल वजन लगभग 319 क्विंटल पाया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उक्त ट्रक में उड़ीसा से छत्तीसगढ़ की ओर बिना किसी वैध दस्तावेज के धान का परिवहन किया जा रहा था। परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर धान से भरे ट्रक को मौके पर ही जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना सिंघोड़ा के सुपुर्द किया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतर्राज्यीय सीमाओं पर अवैध धान परिवहन रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जा रही है तथा संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है, ताकि धान खरीदी प्रणाली की शुचिता बनी रहे।
धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तहत धमतरी जिले में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति मर्यादित मोहदी के समिति प्रबंधक एवं ऑपरेटर को सेवा से पृथक कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिलावटयुक्त धान, टोकन का दुरुपयोग एवं अवैध बिक्री के प्रकरण सामने आए थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धान उपार्जन व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध प्रारंभिक स्तर पर ही कठोर कार्रवाई की जा रही है, ताकि उपार्जन का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही सीमित रहे और बिचौलियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इसी प्रकार 13 जनवरी 2026 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम बिलारी (सोनाखान) में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 75 कट्टा धान सहित एक पिकअप वाहन जब्त कर पुलिस थाना सलीहा-बिलाईगढ़ के सुपुर्द किया। सरगुजा जिले में कलेक्टर के निर्देशन में राइस मिलों का सघन भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में राजेश राइस मिल खोडरी एवं सिद्धिविनायक राइस मिल दरिमा में धान की भारी कमी पाई गई। कस्टम मिलिंग आदेश 2016 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत संबंधित मिलों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
महासमुंद जिले में अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम द्वारा कुल 217 कट्टा धान एवं एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। अवैध परिवहन एवं भंडारण के मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में महासमुंद जिले में अब तक की गई कार्रवाई में बीते दो दिनों में कुल 2986 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा अंतर्राज्यीय जांच चौकी टेमरी, नर्रा एवं खट्टी सहित धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर सख़्त निर्देश दिए गए हैं। पिथौरा, बसना एवं सरायपाली क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकरणों में बड़ी मात्रा में अवैध एवं संदिग्ध धान जब्त कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कई मामलों में धान को पुलिस थाना के सुपुर्द किया गया है।
बिलासपुर जिले में धान उठाव में गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को सील किया गया तथा संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। मौके से 54 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। भौतिक सत्यापन में कस्टम मिलिंग के लिए जारी धान की तुलना में हजारों क्विंटल धान की कमी पाई गई। दो दिनों तक चली गहन जांच के बाद अनियमितता की पुष्टि होते ही तत्काल कार्रवाई की गई। खाद्य विभाग के अनुसार बिलासपुर जिले में अब तक 56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 के उल्लंघन के अंतर्गत की गई है। जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी, परिवहन, भंडारण एवं मिलिंग में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं एवं मिल संचालकों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





