छत्तीसगढ़

छात्रावास के राशन में मिले कीड़े, 4 कमरे सील

Shantanu Roy
6 Nov 2026 9:28 PM IST
छात्रावास के राशन में मिले कीड़े, 4 कमरे सील
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Kondagaon. कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के शामपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों और पालकों की शिकायतों के बाद प्रशासनिक जांच में गंभीर अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। विद्यालय के कन्या और बालक छात्रावासों में खराब राशन, अनाज में कीड़े, एक्सपायरी खाद्य सामग्री, गंदगी और क्षतिग्रस्त शौचालय जैसी कई खामियां पाई गईं। जांच के दौरान कुछ कमरों में संदिग्ध सामग्री होने की आशंका के चलते चार कमरों को सील कर दिया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर विद्यालय की प्राचार्य चंद्रकिरण तिवारी को संस्था के सभी प्रभारों से हटा दिया गया है। वहीं, कन्या और बालक छात्रावास के अधीक्षकों को भी संस्था के कार्यों से पृथक कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, शामपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके पालकों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें की थीं। शिकायतों में भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति जैसे मुद्दे उठाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नूपुर राशि पन्ना ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की। जांच समिति ने 3 नवंबर को विद्यालय पहुंचकर कन्या और बालक छात्रावासों का निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावासों की स्थिति देखकर कई गंभीर कमियां सामने आईं। विशेष रूप से विद्यार्थियों के भोजन और रहने की व्यवस्था में लापरवाही पाई गई।
कन्या छात्रावास के निरीक्षण के दौरान अनाज और राशन सामग्री में कीड़े मिले। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी पाए गए, जिनकी उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी। छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए रखी गई खाद्य सामग्री की इस स्थिति ने भोजन की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। निरीक्षण के दौरान कन्या छात्रावास के शौचालयों की स्थिति भी खराब मिली। कई शौचालयों में गंदगी थी और उनके दरवाजे टूटे हुए पाए गए। इसके अलावा कई नल खराब होने के कारण लगातार पानी बह रहा था। इससे पानी की बर्बादी के साथ रखरखाव में लापरवाही भी सामने आई। छात्रावास परिसर में मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद कई बुनियादी सुविधाएं खराब स्थिति में मिलीं। छात्राओं की सुविधा के लिए लगाया गया सैनिटरी पैड बर्नर भी खराब पाया गया। इससे छात्राओं के लिए उपलब्ध स्वच्छता संबंधी सुविधाओं पर सवाल उठे हैं।
जांच समिति ने बालक छात्रावास का भी निरीक्षण किया। यहां भी व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। छात्रावास में रखे अनाज और राशन सामग्री में कीड़े मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि खाद्य सामग्री के रखरखाव और भंडारण की व्यवस्था में गंभीर कमियां थीं। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की प्राचार्य भी मौजूद थीं। हालांकि, बालक छात्रावास में सामने आई अन्य कमियों और निरीक्षण के दौरान हुई विस्तृत कार्रवाई के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण मामला सामने आया। विद्यालय के कुछ कमरों में संदिग्ध सामग्री रखे होने की आशंका जताई गई। इसके बाद जिला स्तरीय जांच समिति ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में चार कमरों को सील कर दिया। फिलहाल इन कमरों में रखी सामग्री के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की। प्राचार्य चंद्रकिरण तिवारी को संस्था के सभी प्रभारों से हटा दिया गया। इसके साथ ही कन्या और बालक छात्रावास के अधीक्षकों को भी संस्था के कार्यों से पृथक कर दिया गया है। विद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए शासन ने नए प्राचार्य की नियुक्ति भी कर दी है। इसके अलावा छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार लाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पालक समिति गठित करने की अनुशंसा की गई है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में छात्रावासों में मिली अव्यवस्थाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब विद्यार्थियों और पालकों की नजर छात्रावासों की व्यवस्था में वास्तविक सुधार पर रहेगी। विशेष रूप से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, शौचालयों की मरम्मत और छात्राओं की सुविधाओं को बेहतर बनाना आवश्यक होगा।
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