छत्तीसगढ़

फर्जी डॉक्टर की लापरवाही से मासूम की मौत, आरोपी गिरफ्तार

Shantanu Roy
22 Aug 2026 7:23 PM IST
फर्जी डॉक्टर की लापरवाही से मासूम की मौत, आरोपी गिरफ्तार
x
छग
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां कथित फर्जी डॉक्टर की लापरवाही के कारण 3 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि बिना किसी वैध चिकित्सकीय पात्रता और अनुभव के आरोपी ने बीमार बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मामले में थाना बलरामपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बालेश्वर सिंह पिता चमस, उम्र 51 वर्ष, निवासी सरनाडीह थाना बलरामपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 19 अगस्त 2026 की शाम की है। प्रार्थी रमेश चेरवा अपने 3 वर्षीय पुत्र अभी चेरवा को बुखार आने पर इलाज के लिए आरोपी बालेश्वर सिंह के घर लेकर गया था। आरोप है कि आरोपी ने बच्चे को TaXim 250 mg इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल बलरामपुर लेकर जाने लगे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बलरामपुर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी बालेश्वर सिंह से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना को स्वीकार किया और उपचार में इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त cefotaxime sodium इंजेक्शन को जब्त कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के पास चिकित्सा संबंधी कार्य करने के लिए कोई वैध चिकित्सकीय डिग्री या पंजीयन नहीं था। इसके बावजूद वह लोगों का इलाज कर रहा था। पुलिस का कहना है कि बिना योग्यताप्राप्त व्यक्ति द्वारा बच्चे को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत गंभीर हुई और उसकी मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 271 और 318 के साथ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 की धारा 27 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी को 21 अगस्त 2026 को सुबह 11:35 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उसे न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह चिकित्सा कार्य कर रहा था या नहीं और उसके संपर्क में कितने लोग थे। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सामने भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि बिना पंजीयन और योग्यता के इलाज करने वाले लोगों पर निगरानी कितनी प्रभावी है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।
Next Story