छत्तीसगढ़

शिशु सुरक्षा सप्ताह: स्तनपान के महत्व के बारे में दी गई जानकारी

Shantanu Roy
5 Aug 2025 12:17 AM IST
शिशु सुरक्षा सप्ताह: स्तनपान के महत्व के बारे में दी गई जानकारी
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Raigarh. रायगढ़। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गांधीनगर रायगढ़ में शिशु सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.बी.पी.पटेल ने कहा कि स्तनपान शिशु के पोषण की पहली और सबसे सशक्त कड़ी है, जो न केवल शिशु को कुपोषण से बचाता है, बल्कि उसे कई रोगों से भी प्रतिरक्षित करता है। उन्होंने कहा कि नवजात को जन्म के पहले घंटे में स्तनपान कराना आवश्यक है, जिससे शिशु को कोलेस्ट्रम नामक पहला गाढ़ा दूध मिल सके, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।


प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.जी.एस.पैकरा ने बताया कि माँ का दूध बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए सर्वोत्तम आहार है, जिसमें सभी आवश्यक पोषक तत्व उपस्थित होते हैं। यह शिशु को दस्त, निमोनिया, कुपोषण जैसे संक्रमणों से बचाता है और उसके मानसिक विकास में सहायक होता है। शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सोनाली मेश्राम ने बताया कि स्तनपान से माँ और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है। साथ ही माताओं को स्तनपान से संबंधित भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
उपस्थित
महिलाओं को स्तनपान की सही तकनीक, शिशु की स्थिति, समयबद्ध स्तनपान एवं साफ-सफाई के महत्व की जानकारी दी गई। बता दें कि स्तनपान के प्रति जन जागरूकता लाने के मकसद से प्रथम सप्ताह को पूरे विश्व में स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य नवजात शिशु-मृत्यु दर में कमी लाना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आमजन मौजूद थे।
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