छत्तीसगढ़

आज कल का जो दौर है, करने को कुछ और कहने का कुछ और है...

Nilmani Pal
18 Nov 2022 11:15 AM IST
आज कल का जो दौर है, करने को कुछ और कहने का कुछ और है...
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ज़ाकिर घुरसेना/ कैलाश यादव

छत्तीसगढ़ के अनियमित कर्मचारी लगातार सरकार से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर एक बार फिर पूर्व सीएम रमन सिंह अनियमित कर्मचारी पर फिदा पर होकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व सीएम रमन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि चुनाव जीतने के लिए सरकार ने जितने वादे किए थे उनमें से अभी तक एक भी वादा पूरा नहीं किया है। अनियमित कर्मचारी पिछले चार साल से नियमितीकरण का इंतजार करके थक चुके हैं और अब वे आंदोलन का रास्ता अपना रहे हैं। प्रदेश में लाखों कर्मचारी ऐसे हैं जो नियमितीकरण की बाट जोह रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हुई है। जनता में खुसुर फुसुर है कि भाजपा शासन में जो अनियमित कर्मचारियों की थोक मंत्री, निगम, आयोग अध्यक्षों ने भर्ती की थी वो ही कर्मचारी नियमितिकरण करने की मांग कर रहे है। अनियमित कर्मचारियों के नेताओं ने कहा कि डा. साहब आप तो 15 साल तक मामले को लटकाए रखे थे, आप चाहते तो पांच लाख में से 4 लाख अनियमित कर्मचारी को नियमित कर सकते थे। मगर ऐसा लगता आप तो भूपेश का इंतजार कर रहे थे कि वो भी कर्मचारियों के मुद्दे को लटकाए और भाजपा इसे चुनावी मुद्दा बनाए ।अनियमित कमचारीके इस हालात को देखकर एक शेर याद आया जिसे कर्मचारी एक दूसरे को सुनाते फिर रहे है कि है कठिन करना है विश्वास, आज कल का जो दौर है। इंसान कहने को कुछ और तो करने को कुछ और है।

खाखरा-फाफड़ा के गढ़ में ठेठरी-खुर्मी का दिखाएंगे जलवा

पीएम के गृह राज्य में इस बार खाखरा फाफड़ा और ठेठरी खुर्मी में टक्कर देखने को मिलेगा । गुजरात में विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए हाई कमान ने सीएम भूपेश बघेल को स्टार प्रचारक बनाया है। गुजरात चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सीएम भूपेश बघेल का भी नाम सबसे ऊपर है। हिमाचल के बाद सीएम भूपेश बघेल गुजरात में भी चुनाव प्रचार करेंगे। गुजरात की 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव होना है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि छत्तीसगढ़ में रचे बसे गुजराती परिवार छत्तीसगढ़ी जायका को अच्छी तरह जानते और समझते है। गुजरात में चुनाव प्रचार में जाने से पहले सीएम भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्षेत्र में महारत हासिल करने वाले गुजराती भाइयों से वहां के आबोहवा और लोगों की राजनीतिक इच्छा शक्ति की टोह ले रहे है, ताकि गुजरात में ऐसी क्या योजना नहीं है जो छत्तीसगढ़ की सरकार देश भर में डंका बजा रही है। हिमाचल में तो गोबर खरीदी को घोषणा पत्र में शामिल कराया है,वहीं गुजरात में गौवंश संरक्षण और गौ मूत्र की खरीदी के साथ कृषि मजदूरी से जुड़े लोगों को राजीव गांधी न्याय योजना से आकर्षित कर सकते हैं।

भानुप्रतापुर उपचुनाव को लेकर रमन सिंह अतिउत्साहित

राजनीति का दूसरा नाम ही उतावला पन है। जहां बिना सूत कपास के जुलाहों में लट्ठमलठ जैसे दृश्य स्वत: ही दिखाई देने लगते है। भानुप्रतापुर उपचुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के 4 साल के कुशासन का करारा जवाब जनता कांग्रेस प्रत्याशी को हरा कर देगी। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने भी बीजेपी की जीत का दावा किया है। अरुण साव ने कहा कि बीजेपी पूरी गंभीरता से उपचुनाव लड़ेगी। जनता का आशीर्वाद बीजेपी को जरूर प्राप्त होगा। जनता में खुसुर-फुसुर है कि 15 साल तक आशीर्वाद दी, भाजपा उसे आशीर्वाद नहीं मानी। अब एक सीट उपचुनाव में जीतने के लिए जनता का आशीर्वाद मिलने की बात कहते फिर रहे है। जबकि कका ने 2018 में सत्ता संभालते ही चुनाव की तैयारी में जुट जाने की बात कही है। ये राजनीति भी अजीब फलसफा है जितना समझने की कोशिश करो, उतना ही उलझते जाता है।

रमनसिंह का भागवत पुराण

पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमनसिंह इस समय धर्म कर्म में कुछ ज्यादा रमे हुए नजर आ रहे है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के छत्तीसगढ़ दौरे पर कांग्रेस के दिए बयान को लेकर रमन सिंह ने कहा कि संघ को राजनीतिक दल से कोई लेना देना नहीं होता। बल्कि ये भारत की अखंडता, एकता, धर्मांतरण जहां हिंदू धर्म विवादित हो रहा, टूट रहा, ऐसे मूल विषयों को जोडऩे का काम करते हैं। जैसे कांग्रेस तोड़ती है, फिर उसे जोडऩे का काम संघ करता है। उनके आने से समाज को नई दिशा मिली है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि हाईकमान से डा. रमनसिंह को कब नई दिशा मिलेगी। क्योंकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो चारों दिशाओं में अपना प्रकाश ऐसा फैला रखा है उसके उजाले में नरवा,गरवा, घुरवा, बारी की चिन्हारी से दूसरी पारी के लिए जमीन में गोबर और गौ मूत्र का उवर्रक छिड़काव कर उपजाऊ बना लिया है।

भानुप्रतापपुर में महारथियों का शुरू हो गया शब्द बाण

भानुप्रतपापुर उपचुनाव के नामांकन रैली में बृजमोहन अग्रवाल सहित प्रदेश के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। चुनाव रणनीतिकार बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि उपचुनाव को जीतने के बाद ब्रम्हानंद नेताम मात्र एक साल के विधायक बनेंगे, लेकिन इस एक साल के ही विधायक बनने से सीएम भूपेश बघेल की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। झूठी सरकार के खिलाफ बहुत बड़ा संदेश जायेगा कि जनता को धोखा देकर कुर्सी पर कोई नहीं बैठ सकता, सत्ता सुख नहीं भोग सकता।

इस सरकार ने ना ही 10 लाख रोजगार दिए, ना ही 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ता दिया और ना ही शराबबंदी की। इतना ही नहीं इस सरकार ने ना ही किसानों का कर्ज माफ किया, न ही इस प्रदेश का विकास किया। इस कांग्रेस को यह सबक सिखाना है कि अगर आप जनता के साथ सही बर्ताव नहीं करेंगे, तो यहां की ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की जनता आपको सत्ता से उखाड़ कर फेंक देगी।

इस प्रदेश के मुखिया व उनके मंत्री राम-राम बोलते है, लेकिन काम ये लोग रावण वाला करते है। जनता में खुसुर फुसुर है कि राम और रावण दोनों महाकाल देवाधिदेव भगवान शिव के उपासक है। अब कौन क्या करता ये तो शिव ही जाने क्योंकि शिव की महिमा ही अपरंपार है।

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