छत्तीसगढ़

जिला पंचायत चुनाव में फौजी मैदान में, चिन्ह मिला पतंग छाप

Nil dhankar
22 Feb 2025 5:34 PM IST
मतदान दल उत्साह के साथ निर्वाचन सामग्री लेकर रवाना हुए
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मतदान दल उत्साह के साथ निर्वाचन सामग्री लेकर रवाना हुए

छग

सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले के विकासखंड सारंगढ़ में जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक 5, 6,7, 8, 9 में 23 फरवरी को चुनाव होगा। क्षेत्र क्रमांक 5 में पूर्व विधायक कामदा जोल्हे छाता छाप में, पूर्व जनप्रतिनिधि बैजन्ती नंदू लहरे उगता सूरज छाप में, वंदना मनोज लहरे गाड़ी छाप में, फिरतीन बाई भारती पतंग छाप में, अरविंद संतोषी खटकर दो पत्ती छाप में प्रत्याशी हैं।

वहीं क्रमांक 6 में खुराना ललिता रामदास खुराना दो पत्ती छाप में, लता लक्ष्मे उगता सूरज छाप में, शशि मंगल महेश पतंग छाप में, सोनिया दुर्गेश अजय छाता छाप में, विभुति हरिनाथ खूंटे गाड़ी छाप में प्रत्याशी हैं। क्रमांक 7 में बिनोद भारद्वाज दो पत्ती छाप में, नंदराम कुर्रे उगता सूरज छाप में, पूर्णिमा मनहर पतंग छाप में, टुकेश्वर सोनी छाता छाप में प्रत्याशी हैं। क्रमांक 8 में डॉ. हरिहर कुमार जायसवाल दो पत्ती छाप में, मोहन पटेल उगता सूरज छाप में, सैनिक परमेश्वर यादव (रिटायर फौजी) पतंग छाप में, तेजराम चौहान छाता छाप में प्रत्याशी हैं। क्रमांक 9 में पूर्व जनप्रतिनिधि अरुण मालाकार दो पत्ती छाप में, बसंती जायसवाल उगता सूरज छाप में, वासु हेमंत पतंग छाप में, भारत सरकार के अर्द्धसैनिक बल के भूतपूर्व सैनिक पदमलोचन सिदार छाता छाप में, पूर्व जनप्रतिनिधि संजय भूषण पांडेय (पांडेय महाराज) हावड़ा और बेलचा छाप में प्रत्याशी हैं।

मतदान करते फोटो वीडियो को सोशल मीडिया में शेयर करना अपराध

पंचायत के अंतिम मतदान के मद्देनजर, यदि किसी मतदाता के द्वारा मतदान करते समय फोटो खींचने, मतदान का बटन दबाते हुए वीडियो व रिल्स बनाने, सेल्फी लेने, साथ ही उसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट किया जाता है। इससे मतदान की गोपनीयता भंग हो जाती है, यह अपराध की श्रेणी में आता है। किसी भी परिस्थिति में कोई भी मतदाता मतदान करते समय स्वयं का या बैलेट यूनिट का बटन दबाते हुए फोटो, वीडियो, सेल्फी नहीं लेना चाहिए। ऐसा करते हुए अगर कोई व्यक्ति पकड़ा जाता है तो पीठासीन पदाधिकारी तत्काल इसकी सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेट को देंगे और संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध द रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट 1951 की धारा 128 के तहत एफआईआर और तीन महीने का जेल या आर्थिक दंड या दोनों हो सकता है।

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