छत्तीसगढ़
मुंगेली में साइबर जागृति अभियान के तहत 503 छात्रों और 31 शिक्षकों को किया गया जागरूक
Shantanu Roy
19 Aug 2026 7:56 PM IST

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Mungeli. मुंगेली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में जिला मुंगेली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत रैम्बो एम.ई.एम.एच. स्कूल मुंगेली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सहभागिता करते हुए साइबर अपराध, यातायात नियम, नशा मुक्ति और बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की। आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में स्कूल के 503 छात्र-छात्राओं एवं 31 शिक्षकों ने भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे ऑनलाइन अपराधों और उनसे बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम पिन, पासवर्ड या ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा की दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन के संबंध में भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी से यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। छात्र-छात्राओं को सड़क पार करते समय सावधानी बरतने, यातायात संकेतों को समझने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की रक्षा से जुड़ा विषय है।
नशा मुक्ति और बाल संरक्षण पर किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। युवाओं को नशे से बचकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा नवीन कानूनों और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के संबंध में भी विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी दी गई। पुलिस ने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, संदिग्ध गतिविधि या गलत व्यवहार की स्थिति में तुरंत अपने अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
साइबर सेल्फी कॉर्नर के माध्यम से दिया सुरक्षा का संदेश
मुंगेली पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत विशेष साइबर सेल्फी कॉर्नर भी तैयार किए गए हैं। पुलिस ने विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे साइबर सेल्फी पॉइंट पर पहुंचकर सेल्फी लें और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कर साइबर सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाएं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करना है। हर जागरूक नागरिक साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत कड़ी बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराध, यातायात सुरक्षा और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। मुंगेली पुलिस द्वारा जिले में लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को कानून, सुरक्षा और डिजिटल सावधानियों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाया जा सके।
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