छत्तीसगढ़
बस्तर में बाढ़ पीड़ित किसानों ने मुआवजा और कर्ज माफी की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
Shantanu Roy
6 Nov 2026 6:35 PM IST

x
छग
Bastar. बस्तर। हाल ही में बस्तर जिले में आई भीषण बाढ़ और भारी बारिश के कारण हुई तबाही के बाद अब प्रभावित किसानों और आम जनता का सब्र टूट चुका है। फसलों के हुए भारी नुकसान के एवज में उचित मुआवजे, कृषि ऋण माफी तथा बेघर हुए परिवारों को मकान पुनर्निर्माण सहायता प्रदान करने की मांग को लेकर किसानों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। विपक्ष और किसान संगठनों ने शासन-प्रशासन पर प्रभावितों की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाया है।
₹65,100 प्रति एकड़ मुआवजा और कर्ज माफी की प्रमुख मांग
बाढ़ की चपेट में आने से बस्तर क्षेत्र के हजारों किसानों की धान एवं अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। भारतीय किसान यूनियन सहित विभिन्न किसान संगठनों ने मांग रखी है कि बाढ़ प्रभावित किसानों को कम से कम ₹65,100 प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। संगठनों ने इस राशि का आधार 21 क्विंटल प्रति एकड़ औसतन उत्पादन और ₹3,100 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य को बनाया है। इसके अलावा, फसलें तबाह होने के कारण किसान लिया गया ऋण चुकाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। इसे देखते हुए सहकारी समितियों, राष्ट्रीयकृत बैंकों और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत लिए गए सभी कृषि ऋणों को तुरंत और पूरी तरह माफ करने की जोरदार मांग उठाई गई है।
बस्तर में बाढ़ पीड़ित किसानों ने मुआवजा और कर्ज माफी की माँग को लेकर प्रदर्शन किया. राज्य भर में किसान मौसम की मार से परेशान हैं. https://t.co/ypXlD9HSEB
— Alok Putul (@thealokputul) November 6, 2026
NH-30 पर चक्काजाम और कलेक्ट्रेट का घेराव
बाढ़ पीड़ितों की मांगों को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और स्थानीय संगठनों ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) पर चक्काजाम कर यातायात बाधित किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर, भारतीय किसान यूनियन, इंद्रावती बचाओ मंच और कई स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर त्वरित राहत पैकेज जारी करने की मांग की।
आवास और पशुधन हानि के लिए विशेष सहायता की मांग
बाढ़ में जिन परिवारों के आशियाने पूरी तरह से ढह गए हैं, उनके लिए भी राहत राशि बढ़ाने की मांग उठाई गई है। संगठनों ने मुख्यमंत्री राहत कोष की तात्कालिक सहायता राशि को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹50,000 करने और प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। मामले में बस्तर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि बीते दिनों आई बाढ़ ने बस्तर में भारी तबाही मचाई है। कई लोगों के मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं और हजारों एकड़ की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई है, लेकिन इसके बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से प्रभावितों को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है।
Tagsबस्तर बाढ़ मुआवजाKCC कर्ज माफी मांगजगदलपुर किसान प्रदर्शनबस्तर कांग्रेस NH-30 चक्काजामफसल नुकसान राहतबस्तर कलेक्ट्रेट घेरावBastar flood compensationdemand for KCC (Kisan Credit Card) loan waiversfarmers' protest in JagdalpurBastar Congress 'chakka jam' (road blockade) on NH-30relief for crop lossesand gherao (encirclement/protest) of the Bastar Collectorate.
Next Story





