छत्तीसगढ़
बलरामपुर में अस्पताल के बाहर तड़पता रहा युवक, डॉक्टर नदारद
Shantanu Roy
23 Oct 2026 5:38 PM IST

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छग
Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जहर सेवन करने के बाद इलाज के लिए पहुंचे एक युवक को समय पर उपचार नहीं मिल सका। आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और युवक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर तड़पता रहा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। तीन दिन के भीतर इसी अस्पताल से लापरवाही की दूसरी शिकायत सामने आई है।
जहर सेवन के बाद अस्पताल पहुंचा युवक
जानकारी के अनुसार, एक युवक ने कथित तौर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। स्वास्थ्य केंद्र में केवल स्टाफ नर्स की मौजूदगी बताई जा रही है। युवक की हालत खराब होने के बावजूद उसे समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। इस दौरान युवक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर परेशान हालत में दिखाई दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर ले गए परिजन
युवक की बिगड़ती हालत और अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के आरोपों के बीच परिजनों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि परिजन युवक को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर लेकर रवाना हुए। हालांकि, युवक की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उसे किस अस्पताल में भर्ती कराया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस घटना ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तीन दिन पहले प्रसव पीड़ा से तड़पती रही थी महिला
रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से इससे पहले भी लापरवाही की शिकायत सामने आई थी। करीब तीन दिन पहले प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला को अस्पताल लाया गया था, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ताला लगा मिला था। आरोप है कि अस्पताल बंद होने के कारण महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी और वह प्रसव पीड़ा से परेशान होती रही। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच कराई।
स्टाफ नर्स को किया गया था निलंबित
प्रसव पीड़ा वाली महिला के मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसके आधार पर संयुक्त संचालक ने रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स अपूर्वा सिंह भदौरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद भी उसी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं मिलने की दूसरी शिकायत सामने आने से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर नए सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
जिला कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि युवक को समय पर इलाज नहीं मिलने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय अस्पताल में कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध क्यों नहीं हो सकी। कलेक्टर के अनुसार, जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपस्थिति और आपातकालीन उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
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