छत्तीसगढ़
MP-CG पुलिस की संयुक्त बैठक में अंतरराज्यीय गौवंश तस्करी और अपराधों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय
Shantanu Roy
22 Sept 2025 10:32 PM IST

x
छग
Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गौवंश तस्करी और संगठित अपराधों को रोकने के लिए 18 सितंबर को राजनगर (मध्यप्रदेश) में संयुक्त बैठक आयोजित की। इस बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए और सीमा क्षेत्र में अपराधों, पशु तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में चर्चा के दौरान सामने आया कि थाना मरवाही पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में गौवंश तस्करी नेटवर्क में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश के कोतमा क्षेत्र का लखन साहू और कोटमी क्षेत्र का दौलत राम राठौर शामिल हैं। इन गिरफ्तारियों से अंतरराज्यीय गौवंश तस्करी की संगठित गतिविधियों का पता चला है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये गिरोह पशुओं की अवैध बिक्री और परिवहन में सक्रिय थे और इनके नेटवर्क के जरिये कई जिलों में गाय, बैल और अन्य गौवंश का अवैध लेन-देन किया जा रहा था। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों राज्यों की पुलिस ने गिरफ्तारियों के साथ ही नेटवर्क की गहन जांच शुरू की।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में कई महत्वपूर्ण रणनीतियों पर सहमति बनी, जिनका उद्देश्य सीमा क्षेत्र में अपराधों और तस्करी को रोकना है। तय किया गया कि:
सीमावर्ती मार्गों पर विशेष निगरानी और नाकेबंदी की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।
दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा संयुक्त गश्त और चेकिंग नियमित रूप से की जाएगी।
संदिग्ध पशु बाजारों को स्थानांतरित करने या उनके लाइसेंस निरस्त करने के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
आदतन अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग के लिए संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे और अधिकारियों के बीच सीधा संपर्क सुनिश्चित किया जाएगा।
त्यौहार और मेलों के दौरान विशेष चौकसी बरती जाएगी।
सीमा क्षेत्र के थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों की मासिक समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।
प्रशासनिक और सामरिक दृष्टिकोण
बैठक में यह भी कहा गया कि शासन की मंशा के अनुसार गौवंश तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ संयुक्त अभियान और सतत कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों राज्यों के बीच समन्वय और साझा निगरानी से अपराधियों को अंजाम तक पहुंचने से रोका जा सके। विशेषज्ञों के अनुसार, गौवंश तस्करी और संगठित अपराध न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर भी असर डालते हैं। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि दोनों राज्य मिलकर इस चुनौती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जनता और सुरक्षा
बैठक के निर्णयों के तहत ग्रामीण और सीमा क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाने का भी संकल्प लिया। नागरिकों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और अवैध तस्करी रोकने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में शामिल अधिकारियों ने कहा कि दोनों राज्यों की पुलिस की संयुक्त गश्त, निगरानी और सूचना आदान-प्रदान से अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। इस रणनीति से अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क कमजोर होगा और सीमा क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
Tagsगौरेला-पेंड्रा-मरवाहीमध्यप्रदेश पुलिसछत्तीसगढ़ पुलिसअंतरराज्यीय गौवंश तस्करीसंगठित अपराधराजनगर बैठकसीमा क्षेत्रलखन साहूदौलत राम राठौरगौवंश तस्करी नेटवर्कअवैध पशु बाजारनाकेबंदीसीसीटीवी निगरानीसंयुक्त गश्तमादक पदार्थ तस्करीआदतन अपराधीरियल टाइम इंटेलिजेंससुरक्षाकानून व्यवस्थापुलिस समन्वयसतत कार्रवाईरायपुर समाचारGaurela-Pendra-MarwahiMadhya Pradesh PoliceChhattisgarh Policeinterstate cow smugglingorganized crimeRajnagar meetingborder areaLakhan SahuDaulat Ram Rathorecow smuggling networkillegal animal marketblockadeCCTV surveillancejoint patroldrug traffickinghabitual criminalsreal time intelligencesecuritylaw and orderpolice coordinationcontinuous actionRaipur News
Next Story





