छत्तीसगढ़

मेकाहारा अस्पताल में नवजात शिशु पर अनुचित टैगिंग, समिति अध्यक्ष ने दर्ज कराई शिकायत

Shantanu Roy
13 Oct 2025 11:02 PM IST
मेकाहारा अस्पताल में नवजात शिशु पर अनुचित टैगिंग, समिति अध्यक्ष ने दर्ज कराई शिकायत
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Raipur. रायपुर। सुराज जन कल्याण समिति सोसायटी के अध्यक्ष जगन्नाथ नाथ पंडरी ने हाल ही में रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में नवजात शिशु पर की गई अनुचित कार्रवाई को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति अध्यक्ष के अनुसार, प्रिंट मीडिया समाचार पत्र “हरीभुमि” में 10 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि अस्पताल के शिशुरोग विभाग में भर्ती एक नवजात शिशु के सीने पर एक तख्ती चस्पा कर दी गई, जिसमें उसके मां की एचआईवी पॉजिटिव स्थिति का उल्लेख किया गया।

जगन्नाथ नाथ पंडरी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए स्वयं अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने देखा कि शिशुरोग विभाग के बाहर एक व्यक्ति गेट के पास खड़ा था और सार्वजनिक रूप से कह रहा था कि उसकी पत्नी HIV पॉजिटिव है, और इस जानकारी को जिम्मेदार कर्मचारियों ने फैलाया। समिति अध्यक्ष ने इसे मानवता और व्यक्तिगत सम्मान के उल्लंघन वाला कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि नवजात शिशु और उसकी मां के प्रति यह कार्रवाई न केवल संवेदनशीलता के विपरीत है, बल्कि समाज में मरीजों के प्रति भेदभाव और मानसिक पीड़ा बढ़ाने वाला कृत्य भी है। इस तरह का व्यवहार स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी और नैतिकता के खिलाफ है।

जगन्नाथ नाथ पंडरी ने बताया कि उन्होंने स्वयं को जिम्मेदार नागरिक मानते हुए संबंधित मौदहापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए। समिति अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल और स्वास्थ्य कर्मियों की यह लापरवाही मानवाधिकार और गोपनीयता के नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षण और संवेदनशीलता बढ़ाने की आवश्यकता है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना अस्पताल में भर्ती शिशु और उसके परिवार के लिए मानसिक और भावनात्मक चुनौती बन गई। इस प्रकार की लापरवाही और गोपनीय जानकारी के सार्वजनिक रूप से उजागर होने से मरीज और उनके परिवार को समाज में सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है। समिति अध्यक्ष ने इस घटना पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के अधिकार और गोपनीयता की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से अपील की कि वे इस मामले में कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों। इस मामले ने स्वास्थ्य प्रणाली में गोपनीयता और मानवाधिकारों के पालन की आवश्यकता को दोबारा उजागर किया है। मरीज और उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देने के लिए अस्पताल प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग को उचित कदम उठाने होंगे।
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