छत्तीसगढ़
रेलवे में लोको पायलटों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
Shantanu Roy
3 May 2025 8:35 PM IST

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Bilaspur. बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा लोको पायलटों के कार्य वातावरण में सुधार हेतु कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिससे न केवल उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि हो रही है, बल्कि उन्हें अधिक संरक्षित और आरामदायक कार्य परिस्थितियाँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 508 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजनों के केब में एसी की सुविधा उपलब्ध है। इन एसी की कार्यशीलता की नियमित रूप से जाँच की जाती है ताकि इंजन के शेड से बाहर निकलते समय वे पूर्णतः कार्यशील हों।
इसी प्रकार, 63 इंजनों में वॉटरलेस यूरिनल लगाए गए हैं। इनकी स्थिति की भी समय-समय पर निरीक्षण के दौरान जाँच की जाती है ताकि लोको पायलटों को स्वच्छता की बेहतर सुविधा मिल सके। लोको पायलटों को ड्राइविंग के दौरान अधिक सुविधा देने हेतु 128 इंजनों में विशेष आरामदायक सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, 483 इंजनों में आवश्यक औजारों से सुसज्जित टूल बॉक्स लगाए गए हैं जिससे चालक दल को भारी बैग लेकर चलने की आवश्यकता नहीं रहती।
रेल परिचालन के दौरान संचार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2089 नए डिजिटल वॉकी-टॉकी सेट उपलब्ध कराए गए हैं। सभी रनिंग रूम एवं लॉबी को एयर कंडीशनिंग की सुविधा से लैस किया गया है, ताकि चालक दल को विश्राम के समय बेहतर सुविधा मिल सके। इसके अतिरिक्त, रनिंग रूम और लॉबी के समग्र सुधार हेतु 150 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं।
रनिंग रूम में निम्नलिखित प्रकार की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे चालक दल को विश्राम के साथ साथ आवश्यकतानुसार सुविधा भी मिल सके:-
* दो बिस्तरों वाले विश्राम कक्ष, ताकि एक चालक दल दूसरे को बिना बाधित किए विश्राम कर सके।
* मेडिटेशन रूम, जिससे मानसिक शांति और ध्यान की सुविधा मिल सके।
* वॉशिंग मशीन और कपड़े प्रेस (इस्त्री) की सुविधा।
* वाटर प्यूरीफायर द्वारा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता।
* शाकाहारी एवं मांसाहारी भोजन हेतु पृथक रसोईघर, जिनमें अलग-अलग बर्तन उपयोग किए जा रहे हैं।
लोको पायलटों को उनके कार्यस्थलों/इंजनों तक सुगमता से पहुँचने के लिए 77 सड़क वाहनों (टैक्सी/कार आदि) की व्यवस्था की गई है, जिससे यार्ड और साइडिंग तक पहुंचने में समय की बचत हो रही है। प्रशिक्षण सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उसलापुर स्थित विद्युत लोको प्रशिक्षण केंद्र में पारंपरिक इंजनों के लिए सिमुलेटर की सुविधा उपलब्ध है। 3-फेज इंजनों के लिए सिमुलेटर की खरीद प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। साथ ही उसलापुर स्थित चालक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण एवं हॉस्टल सुविधा के उन्नयन हेतु 40 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने लोको पायलटों की सुरक्षा, संरक्षा, सुविधा एवं दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और कार्य वातावरण को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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