छत्तीसगढ़

कमल विहार की सड़क को कब्जा कर अवैध प्लाटिंग

Nilmani Pal
22 April 2026 11:10 AM IST
कमल विहार की सड़क को कब्जा कर अवैध प्लाटिंग
x

प्लॉटिंग करने वालों पर कार्रवाई की तैयारी, परियोजना को हो रहा नुकसान

कमल विहार परियोजना कब्जेधारियों की जद में, आरआई-पटवारी और पाकिस्तानी भू-माफियाओं का कारनामा

रायपुर (जसेरि)। राजधानी रायपुर के कमल विहार परियोजना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में अवैध प्लॉटिंग से जुड़ी गतिविधियां लगातार सामने आ रही हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा कमल विहार परियोजना की सडक़ों का अवैध रूप से उपयोग निजी प्लॉटों तक पहुंच मार्ग के रूप में किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकारी जमीन को अपने प्लॉट में मिलाने (अतिक्रमण) की शिकायतें भी बढ़ती जा रही हैं, जिससे सरकारी परियोजना और शहर के नियोजित विकास को नुकसान हो रहा है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अवैध प्लॉटिंग करने वाले लोग बिना अनुमति के जमीन को छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बांटकर बेच रहे हैं और सरकारी सडक़ तथा खाली पड़ी जमीन का उपयोग अपने फायदे के लिए कर रहे हैं। इससे न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में विवाद और कानूनी समस्याओं की संभावना भी बढ़ रही है।

परियोजना की सड़को का निजी उपयोग

कमल विहार परियोजना में बनाई गई सडक़ों का निर्माण नागरिकों की सुविधा और योजनाबद्ध विकास के लिए किया गया था। लेकिन कुछ मामलों में इन सडक़ों को अवैध कॉलोनियों के लिए रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे सडक़ व्यवस्था प्रभावित हो रही है और रखरखाव पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा

प्रशासन को यह भी शिकायत मिली है कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन को अपने प्लॉट की सीमा में जोड़ लिया है। यह कार्य कानूनन अवैध है और इसे अतिक्रमण माना जाता है। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर कब्जा हटाने और जुर्माना लगाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है और सजा का भी प्रावधान हो।

प्रशासन की कार्रवाई और चेतावनी

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लॉटिंग, सरकारी सडक़ के दुरुपयोग और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ स त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पडऩे पर अवैध निर्माण को हटाया जा सकता है और संबंधित व्यक्तियों पर कानूनी मामला दर्ज किया जा सकता है।

नागरिकों से अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जमीन खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच करें और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें। इससे शहर का विकास योजनाबद्ध तरीके से हो सकेगा और सरकारी परियोजनाओं को नुकसान से बचाया जा सकेगा।

सरकारी जमीन पर कब्जा एक गंभीर मुद्दा

कमल विहार परियोजना की सडक़ों का अवैध उपयोग और सरकारी जमीन पर कब्जा एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। यदि समय रहते स त कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे परियोजना की योजना और शहर के विकास पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग

प्रशासन की जि मेदारी और मांगस्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि कमल विहार क्षेत्र में सक्रिय भू-माफिया की गतिविधियों की जांच कर दोषियों के खिलाफ स त कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध प्लॉटिंग को तत्काल रोका जाए और कमल विहार परियोजना की गाइडलाइन का स ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि शहर का विकास सुरक्षित और नियोजित तरीके से हो सके।

कमल विहार में अवैध प्लॉटिंग से गाइडलाइन को नुकसान

राजधानी रायपुर के कमल विहार क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। नियमों और गाइडलाइन की अनदेखी करते हुए कुछ भू-माफिया सुनियोजित तरीके से बिना अनुमति के प्लॉट काट रहे हैं, जिससे कमल विहार परियोजना की निर्धारित गाइडलाइन और मूल योजना को सीधा नुकसान पहुंच रहा है।

जानकारी के अनुसार, कमल विहार योजना को आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने के लिए सडक़ों, नालियों, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्पष्ट गाइडलाइन बनाई गई थी। लेकिन भू-माफिया द्वारा इन नियमों की खुलेआम अनदेखी कर सरकारी सडक़ों का अवैध उपयोग, रास्तों को संकरा करना और अधिग्रहित शासकीय भूमि को अपने प्लॉटों में मिलाने जैसी हरकतें की जा रही हैं। इससे परियोजना की मूल संरचना और विकास योजना प्रभावित हो रही है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कुछ भू-माफिया लोगों को कम कीमत का लालच देकर बिना वैध अनुमति वाले प्लॉट बेच रहे हैं। कई मामलों में नक्शा पास कराए बिना और बुनियादी सुविधाएं दिए बिना ही प्लॉटिंग की जा रही है, जिससे भविष्य में खरीदारों को कानूनी और सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भू-माफिया की इन गतिविधियों के कारण न केवल कमल विहार की गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि शहर की नियोजित विकास व्यवस्था भी खतरे में पड़ रही है। यदि समय रहते इस पर स त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में अव्यवस्थित बस्तियां और बुनियादी सुविधाओं का संकट उत्पन्न हो सकता है।

---

सैलानी नगर में भू-माफियाओं ने सामुदायिक भवन की भूमि को भी बेचा। अधिकांश भूमाफिया एक ही समुदाय के, मिनी पाकिस्तान बनाने के लिए आतुर।

शहर के अधिकांश मुस्लिम आबादी क्षेत्र में भूमि कीमती होने के कारण समाज के अधिकांश परिवार अपनी कीमती जमीन बेचकर रायपुर शहर के आउटरों में भूमि खरीद रहे, जिसका नाजायज फायदा भू-माफिया उठा रहे। फर्जी एनओसी, आरआई और पटवारी से मिलकर अवैध प्लाटिंग ढड़ल्ले से बेच रहे।

Next Story