छत्तीसगढ़

आईजी ने फरार आरोपियों को पकड़ने दिए सख्त निर्देश

Nilmani Pal
2 July 2026 12:00 PM IST
आईजी ने फरार आरोपियों को पकड़ने दिए सख्त निर्देश
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रायगढ़। आईजी राम गोपाल गर्ग द्वारा ,रेंज के सभी जिलों के वरि० पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली गई। मीटिंग का आयोजन रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के द्वारा, रेंज के सभी जिलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधों की समीक्षा के लिए आयोजित की जाने वाली साप्ताहिक बैठकों की श्रृंखला में, आज की बैठक मुख्यत: धारा 173(8) CrPC/ 193(9) BNSS तथा फरारी में धारा 299 CrPC/335 BNSS के तहत पेश किये गये चालानों, के उन अपराधियों से संबंधित रही, जो अभी तक गिरफ्तार नहीं किये गये हैं

NDPS प्रकरणों की समीक्षा:-एन.डी.पी.एस. (NDPS) एक्ट के तहत धारा 173 (8) CrPC /193(9) BNSS या 299 CrPC/335 BNSS के अंतर्गत लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने जिलों को, ऐसे प्रत्येक प्रकरण के लिए ,जिनमें अपराधी गिरफ्तार नहीं किये गये हैं, उनके लिए कार्ययोजना बनाकर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिये, और ऐसे प्रकरण जिनमें आरोपी की फरारी के दौरान ही चालान पेश किया जा चुका है, उनमें वारंट जारी कराने और उनकी तामीली सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश IGP बिलासपुर रेंज के द्वारा दिये गये। ऐसे फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए , सभी पुलिस अधीक्षकों को बिंदुवार विशेष गाइडलाइन जारी की है, अंतर्राज्यीय व जिला स्तरीय समन्वय: फरार आरोपियों की तलाश के लिए संबंधित राज्यों और अन्य जिलों की पुलिस से निरंतर समन्वय स्थापित किया जाए।

केंद्रीय एजेंसियों से साझा होगी जानकारी: फरार आरोपियों का पूरा ब्योरा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और संबंधित राज्य/जिले की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को अनिवार्य रूप से भेजा जाए। वित्तीय एवं तकनीकी तस्दीक: फरार अपराधियों के पैन कार्ड, बैंक अकाउंट, आधार कार्ड की जानकारी जुटाकर उनके वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जाए। साथ ही, उनके मोबाइल और वाहनों से जुड़ी हर तकनीकी जानकारी एकत्र की जाए।

नेटग्रिड और ग्राउंड टीम का उपयोग: नेटग्रिड (NATGRID) से इनपुट प्राप्त कर पुलिस टीमों को विभिन्न स्थानों पर कैंप कराकर आरोपियों के संबंध में खुफिया जानकारी एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ: पूर्व में गिरफ्तार हो चुके सह-आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर फरार आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया जाए।

आईजीपी रेंज ने निर्देश दिये ,कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास करते हुए मामलों की विवेचना सतत रूप से जारी रखी जाए, और पुलिस अधीक्षक स्वयं ऐसे मामलों का पर्यवेक्षण सतत करें।

न्यायालयीन समंस वारंट की तामीली

आज की बैठक में, माननीय न्यायालय के द्वारा जारी सममन /वारंटों की तामीली की भी समीक्षा की गई।पुलिस अधीक्षकों को न्यायालयीन समंस-वारंट की तामीली समय पर सुनिश्चित करने के लिए बताया गया, और माननीय सत्र न्यायालय द्वारा गंभीर मामलों में गवाहों (डॉक्टरों और पुलिस अधिकारियों) को लगातार जारी किए गए जमानतीय/गिरफ्तारी वारंटों की तामीली सही तरीके से न होने और कम संख्या में किए जाने पर आईजी ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे स्वयं के पर्यवेक्षण में वारंटों की तामीली कराएं। साथ ही,वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही करने के लिए भी समुचित कदम उठाने के लिए निर्देशित, बैठक के दौरान किया गया। श्री गर्ग ने स्पष्ट कहा,कि यदि माननीय न्यायालय के द्वारा सम्मन /वारंट तामीली हेतु रेंज कार्यालय को भेजे जाएंगे तो लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों और संबंधित नोडल राजपत्रित अधिकारी की भी जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेल्प लाइन के संबंध में

इस बैठक के दौरान IGP रामगोपाल गर्ग ने मुख्यमंत्री हेल्प लाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के विभिन्न स्तरों पर की जाने वाली कार्रवाइयों को समझाते हुए बताया, कि समय सीमा के अंदर शिकायतों का निराकरण किया जाना सुनिश्चित किया जाए, और शिकायतें, यदि वरिष्ठ अधिकारियों के लेबल पर समय सीमा बीत जाने के कारण स्थानांतरित होती हैं, तो पुलिस अधीक्षक निर्धारित समय में निराकरण नहीं करने वाले थाना प्रभारियों के लिए 'शो कॉस ' नोटिस जारी करके कार्रवाई करें।

बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इन निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा इनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। साथ ही जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति, सराफा बाजारों की चेकिंग और पिकेट पॉइंट्स चेकिंग को सतत बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। पुलिस महानिरीक्षक श्री गर्ग ने अगले महीने ndps के प्रकरणों की पुनः समीक्षा के निर्देशों के साथ बैठक की समाप्ति की।


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