छत्तीसगढ़

मनेन्द्रगढ़ में आईजी दीपक झा ने दी साइबर सुरक्षा की सीख

Shantanu Roy
1 Nov 2025 11:31 PM IST
मनेन्द्रगढ़ में आईजी दीपक झा ने दी साइबर सुरक्षा की सीख
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छग
Manendragarh. मनेन्द्रगढ़। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक झा ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा अब आत्म-सुरक्षा के समान महत्वपूर्ण हो गई है। वे मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चौघड़ा में आयोजित साइबर सुरक्षा संवाद एवं जन-जागरूकता अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) रत्ना सिंह और सीएसपी दीपिका मिंज भी मंच पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत सत्कार से हुई, जहां एसपी रत्ना सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आईजी
दीपक झा
का स्वागत किया। इसके बाद सीएसपी दीपिका मिंज ने साइबर अपराध से जुड़ी वास्तविक घटनाओं के उदाहरण साझा किए। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां जैसे अज्ञात लिंक पर क्लिक करना, ओटीपी साझा करना या फेक वेबसाइट पर भुगतान करना, आम लोगों को ठगी का शिकार बना देता है।
मिंज ने उपस्थित नागरिकों और विद्यार्थियों को सावधान करते हुए कहा कि “आजकल ठग लोग नए-नए तरीके अपनाते हैं — कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी रिश्तेदार या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बनकर फोन करते हैं। ऐसे में ‘क्लिक करने से पहले सोचें’ का मंत्र सभी को याद रखना चाहिए।” इसी दौरान रमेश यादव नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने मंच से अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी की घटना साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक नकली लोन ऐप के जरिए उनसे पैसे ऐंठे गए। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर या कॉल पर भरोसा न करें और हर बार पुलिस या साइबर सेल की मदद लें।
आईजी दीपक झा ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराध अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव और कस्बों तक फैल चुका है। उन्होंने कहा, “हमारा मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया अब हमारे जीवन का हिस्सा हैं। लेकिन इनके साथ खतरे भी बढ़े हैं। इसलिए जागरूकता ही असली सुरक्षा है।” उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे इंटरनेट का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें, निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से सतर्क रहें।
पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि सरकार और पुलिस विभाग लगातार ‘साइबर जागरूकता अभियान’ चला रहा है, ताकि लोग ठगी, फिशिंग और हैकिंग जैसे अपराधों से बच सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी होनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत www.cybercrime.gov. या नजदीकी थाने में देनी चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, सामाजिक संगठन और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। अंत में उपस्थित लोगों ने शपथ ली कि वे साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और खुद भी सावधानी बरतेंगे।
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