छत्तीसगढ़

बुलंद हो हौसला तो मुट्ठी में हर मुकाम है, मुश्किलें और मुसीबतें तो जिंदगी में आम हैं

Nil dhankar
4 April 2025 12:13 PM IST
बुलंद हो हौसला तो मुट्ठी में हर मुकाम है, मुश्किलें और मुसीबतें तो जिंदगी में आम हैं
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कैलाश यादव/ज़ाकिर घुरसेना

मक्खन और छाछ की लड़ाई

भाजपा में बहुप्रतिक्षीत आयोग -निगम -मडलों की नियुक्ति का इंतजार कर रहे नेताओं की घोषणा के साथ असंतोष की घोषणा की शुरूआत भी हो गई है। जो उम्मीद लगाए थे कि कोई मलाई वाला निगम मिलेगा लेकिन छाछ मिलने से नेता पद को स्वीकारने में अपने आप को असमर्थ बता रहे है। छत्तीसगढ़ में निगम, मंडल, बोर्ड और आयोग की पहली सूची सामने आने के बाद भाजपा नेता का खुलकर असंतोष भी बाहर आ गया है। कांग्रेस सरकार के दौरान विपक्ष में रहते हुए मुखर रहे गौरीशंकर श्रीवास ने उन्हें दी गई जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया है। गौरीशंकर श्रीवास ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा है कि पार्टी ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है कि जिसे उठाने में मेरे कंधे असमर्थ हैं। इसलिए पद स्वीकार नहीं, संगठन के कार्यकर्ता के रूप में ही मैं ठीक हूं। गौरीशंकर श्रीवास को छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि निगम मंडलों की जो सूची ऊपर से मंजूर होकर आई है उस पर को कोई कुछ नहीं कर सकता है। मक्खन औऱ छाछ की लड़ाई कब रूकेगी किसी को पता नहीं है। पर लगता है भाजपा कार्यकर्ताओं की अनुशासित लाइन लेंथ बिगड़ गई है। हमने ही बनाया है हम ही संवारेंगे का नारा देने वाले नेता असमंजस में है कि कैसे साढ़े तीन साल मैनेज किया जाएगा। इस तरह वाकये सामने आते रहे तो जनता का काम कैसे करेंगे।भाजपा नेता श्रीवास औऱ अन्य नेताओ्ं ने जिन्हें पद नहीं मिला है वे इसी शेर को गुनगुनाते हुए उम्मीद लगाए बैठे है कि बुलंद हो हौसला तो मुट्ठी में हर मुकाम है, मुश्किलें और मुसीबतें तो जिंदगी में आम हैं । जिंदा हो तो ताकत रखो बाजुओ्ं में लहरों के खिलाफ तैरने की क्योंकि लहरों के साथ बहना तो लाशों का काम हैं।

किससे करें न्याय की उम्मीद ...

शासन किसी भी पार्टी की रहे अधिकारी तो वही रहते हैं औऱ यह सिलसिला अनवरत चलते रहता है। पुलिस का रौब समाज में आज भी बरकरार है, सोशल मीडिय़ा में एक पत्र वायरल हो रहा है जिसमें एक पुलिस अफसर पर उसके सगे भाई यानी चाचा के लड़के ने पैतृक संपित्त हड़पने का आरोप लगाकर सुर्खियों में आ गए है। पुलिस अधिकारी के भाई अमित ने पत्र में आरोप लगाया है कि एएसपी अपनी ऊंची पहुंच के चलते हमेशा से ही बालोद, राजनांदगांव और रायपुर जैसे जिलों में पदस्थ रहे,कभी भी उनकी पोस्टिंग दूर–दराज के क्षेत्रों में नहीं हुई। फिलहाल यह पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, एएसपी पर अपने पद का दुरुपयोग कर अपने चाचा–चाची सहित बहन व भाई पर अत्याचार का आरोप है। वही अमित ने शिकायत पर साफ लिखा है कि उनके परिवार से किसी भी व्यक्ति की आकस्मिक मृत्यु होती तो उसका जिम्मेदार केवल एएसपी होगा। अमित ने तत्कालीन सीएम से अपने परिवार की रक्षा की मांग की थी परंतु पूर्व सीएम बघेल के खास चुनिंदा अधिकारी होने के चलते मेरी शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं हुई बल्कि पूरा पुलिस महकमा मुझे धमकाने में लग गया था। जनता में खसुर-फुसुर है कि संपत्ति का विवाद अनंत है जिसका समाधान कोई नहीं कर सकता। मगर ये जो पत्र वायरल हो रहा है उसने यह तो बता दिया कि पुलिस के आगे सारे रिश्तेनाते नगण्य है। कानून का रक्षक ही अपने परिवार के साथ न्याय नहीं कर पाया तो जनता कैसे उनसे न्याय की उम्मीद कर सकती है।

आग में तप -तप कर कुंदन बन गय़ा हूं

पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से ईडी और पूछताछ करना चाहती है। राज्य अन्वेषण ब्यूरो की ओर विशेष कोर्ट में प्रोटक्शन वारंट की मांग को लेकर आवेदन लगाया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई के बाद लखमा को 7 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है। लखमा के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि, गुरुवार को हाईकोर्ट में लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही सुनियोजित तरीके से EOW ने पूछताछ के लिए एप्लिकेशन लगाया और कोर्ट ने डिमांड पर भेज दिया। ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। वे 21 जनवरी से रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। राज्य के 2161 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बाद प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने 10 मार्च को जांच पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके करीबी नेताओं, कारोबारियों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जनता में खुसुर-फुसुर है कि कभी मंत्री जैसे पद पर रहे कवासी को जेल में उपवास करना पड़ रहा है। सामान्य बंदी की तरह टीट किय़ा जा रहा है,जिससे नाराज कवासी ने कहा कि पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता हूं। संघर्ष की आग में तप -तप कर कुंदन बन गय़ा हूं।

जवानों के अदम्य साहस को सलाम ...

जवानों के अदम्य साहस के बल बूते 50 साल से ज्य़ादा समय तक आतंक के पयार्य बने नक्सलियों के पैर उखड़ने लगे हैं। अब घुटने टेकने ही वाले हैं।जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है। जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कगार को रोकने का आग्रह किया है। साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। नक्सलियों द्वारा यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 और 5 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में रहेंगे। उससे ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष और शांतिवार्ता के लिए यह पत्र लिखा है। यह पत्र सीपीआई केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किया है। जनता में खुसुर फुसुर है कि लगता है सरकार की डेटलाइन में प्रदेश नक्सल मुक्त होने के कगार पर पहुंच गई है। जिसका असर नक्सलवाद को नियंत्रित करने वालों पर पड़ा है। अब सरकार को शहरी नक्सलियों से प्रदेश को मुक्त करने की डेटलाइन तय करनी चाहिए ताकि बस्तर के साथ पूरी छत्तीसगढ़ भयमुक्त हो जाए।

अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार

बहुप्रतिक्षीत निगम मंडलों की घोषणा का इंतजार कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओ्ं को विधानसभा-लोकसभा और नगरीय निकाय- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में समर्पित होकर पार्टी के लिए तन-मन-धन से काम किया उसका प्रतिफल मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओ्ं में उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। 36 आयोग निगम -मंडलों में अध्यक्ष -उपाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे नेताओ्ं की बड़ी राहत मिली है। सरकार इस पर भी जल्द फैसला ले सकती है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि सरकार अब हमने ही बनाया हम ही संवारेंगे की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब किसको संवारेंगे औऱ किसको बनाएंगे ये तो सरकार ही बता सकती है। जो संवारने वाले थे जो पार्टी को पिछले 50 साल से निस्वार्थ सेवा दे रहे उनकी पीड़ा पर भी नजरें इनायत कर लीजिए सरकार तो हमने बनाया है हम ही संवारेंगे सौ फीसदी सच साबित हो जाएगी।

त्रस्त कांग्रेसियों की सुध ले रहे मंत्री

मंत्री जायसवाल का कहना है कि भूपेश के खिलाफ केस दर्ज हो गया है तो कांग्रेसियों को खुश होना चाहिए, भूपेश CBI रडार में है । महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सीबीआई की रेड कार्रवाई को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो भाजपा भी कांग्रेस पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है।वहीं स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान का पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कितना भी ताकतवर व्यक्ति हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है। मंत्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार सभी प्रकार के घोटाले की मॉनिटरिंग कर रही है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था कि CBI रेड के बाद 21 से अधिक लोगों पर FIR किया गया। केंद्रीय एजेंसियों के जरिए ये हमें डराना चाहते हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर का नाम 8वें नंबर पर लेकिन भूपेश बघेल का 6वें नंबर पर है। सरकार ने ऐसा करके मुख्य अभियुक्तियों को बचाने के लिए कार्य करने की मंशा स्पष्ट कर चुकी है। भूपेश ने कहा न डरे है न डरेंगे । केंद्रीय एजेंसी तो पार्टी बनकर काम कर रही है। मेरी राजनीतिक हत्या की साजिश है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि मंत्री जी विधानसभा में तो चुप रहते पर बाहर विधानसभा से ज्यादा करारा उत्तर देते हैं।

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