छत्तीसगढ़

ऐसी असुविधा रही तो जान सकती है जान, स्वास्थ्य सिस्टम की खुली पोल

Nilmani Pal
20 Sep 2023 6:41 AM GMT
ऐसी असुविधा रही तो जान सकती है जान, स्वास्थ्य सिस्टम की खुली पोल
x
छग

जशपुर। आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र दर्जा प्राप्त पहाड़ी कोरवा परिवार को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है. पत्थलगांव ब्लॉक के बालाझार गांव की पहाड़ी कोरवा महिला को प्रसव पीड़ा हुई लेकिन स्वास्थ्य सुविधा और सरकारी सुविधा के अभाव में 6 किलोमीटर कावंड़ से अस्पताल तक ले जाना पड़ा. ये घटना स्वास्थ्य सिस्टम के किये गए विकास के दावों की पोल खोल दी है.

यह मामला पत्थलगांव विकासखंड के बालाझार गांव का है. जहां मंगलवार को एक कोरवा महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई. परिजनों ने 108 को फोन किया तो सड़क और पुलिया नहीं होने के अभाव में 108 नहीं पहुंच पाई. जिसके बाद परिजनों को मिट्टी ढोने वाली कावड़ से गर्भवती महिला को लेकर 6 किलोमीटर पैदल टूटी फूटी सड़क के सहारे जान जोखिम में डालकर ले जाना पड़ा. उसी दौरान रास्ते मे ही गर्भवती महिला का डिलवरी हो गया. फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.

Next Story