छत्तीसगढ़

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल...

Janta Se Rishta Admin
6 May 2022 5:33 AM GMT
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल...
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ज़ाकिर घुरसेना/ कैलाश यादव

मशहूर शायर मजरुह सुल्तानपुरी का एक शेर - मैं अकेला ही चला था, जानिब -ए-मंजिल, मगर लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। मुख्यमंत्री के बोरेबासी प्रेम ने सारे छत्तीसगढिय़ों को एक कर दिया वहीं विपक्ष को भी दिन में तारे नजर आने लगे हैं। सीएम भूपेश के बटकी में बासी अऊ चुटकी में नून ने श्रम दिवस पर प्रदेश के साथ देश-विदेश में धूम मचा दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के लोगों से सीधे तौर पर जुडऩे के यूनिक आइडिया देश भर के राजनेता कायल तो है ही, विश्व मजदूर दिवस पर आज तक ऐसा कोई प्रेरणादायी कार्य नहीं हुआ,श्रम दिवस मजदूरों को न्यायिक अधिकार देने के लिए अमेरिका में इसकी शुरूआत हुई, जिस पर मात्र औपचारिकता ही निभाते देखा जा रहा था। लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूूपेश बघेल ने बोरे बासी के खाने लाभदायक फायदे बताकर श्रमदिवस विशुद्ध श्रमिक परिवेश में प्रदेश-देश-विदेश में दिल से मनाया गया। क्या आईएएस,आईपीएस, क्या राज्य प्रशासनिक सेवा और सेना के जवानों, युवा-बुजुर्ग-बच्चों ने बोरेवासी खाकर वीडियो पोस्टकर सीएम भूपेश के स्वास्थ्यवर्धक अपील को न केवल अनुसरण किया बल्कि स्वयं बोरेबासी खाकर लोगों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के नए-नए आइडिया से जहां लोगों में खुशी साफ झलक रही है, वही विपक्ष भाजपा नेताओं में बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है। येन चुनाव से ठीक डेढ़ साल पहले कांग्रेस की रणनीति से चारों खाने चित हो गई है। सीएम भूपेश बघेल ने विश्व श्रम दिवस पर श्रमिकों के सम्मान में बोरे वासी खाने की अपील का ऐसा असर दिखाई दिया कि रविवार बोरेवासीवार में परिणित हो गया। आम लोगों के साथ खास लोगों ने सोशल मीडिया में बासी खाते फोटो शेयर करने के साथ उसके गुणों का भी बखान टिप्स के रूप में दिए। नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों से लेकर देश-विदेश में रहने वाले छत्तीसगढिय़ों ने जन्मभूूमि को याद कर देश प्रेम की मिसाल पेश की।

मुख्यमंत्री के अपील पर कोने-कोने में बसे छत्तीसगढिय़ों ने बोरेवासी खाकर गौरवशाली परंपरा के प्रति सम्मान और एकजुटता का परिचय दिया। अब प्रदेश के होटल वालों ने अपने मैन्यू में बोरेवासी को स्थान भी दे दिया है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि कका के यूनिक आइडिया का कोई जवाब नहीं है। प्रदेश की जनता से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहने के अभियान में भाजपा सत्ताकाल में भी बहुत हाथ-पांव मारती रही है। लेकिन इस तरह के यूनिक आइडिया से लोगों के साथ दिल से जुड़े रहने वाले प्रेरणादायी आयोजन 15 साल के शासन काल में कभी भी नहीं कर पाई। भूपेश का यह आयोजन श्रमिकों के सम्मान में विश्व का पहला ऐतिहासिक आयोजन होगा, जिसमें लोग स्वत: ही जुड़ते गए और कारवां बनाते गए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह कारवां 2023 के चुनावी कारवां है जो भूपेश को दूसरी बार सत्ता में वापस लाने में मास्टरकार्ड साबित होगी। बोरे बासी ने ऐसी ताजगी लाई है हर कोई बोरे वासी खाने लगा है।

भाजपा नेताओं को दिल्ली बुलावा

पिछले दिनों भाजपा नेताओं को दिल्ली बुलाया गया था। खैरागढ़ हारने के बाद भाजपा खेमे में सन्नाटा पसरा था जिसे दूर करने उन्हें दिल्ली बुलाया गया था। छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने दिल्ली में बताया कि वे कांग्रेस के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। भाजपा आलाकमान को लग रहा था की पश्चिम बंगाल की राह पर छत्तीसगढ़ तो नहीं चल रहा है। छत्तीसगढ की जनता विकास को महत्त्व दे रही है इसी वजह से छत्तीसगढ़ में लगातार कांग्रेस जीत रही है। हालांकि भाजपा कवर्धा में साम्प्रदायिकता की राजनीति का प्रयोग कर देख चुकी है जिसे छत्तीसगढिय़ों ने नकार दिया है और मजे की बात ये है कि मोदी जी का नारा सबका साथ विकास को भूपेश बघेल ने अपना लिया है। भाजपाइयों के पास अब कोई मुद्दा ही नहीं बचा है करे तो करें क्या कमरतोड़ मंहगाई, गरीबी बेरोजगारी, किसान भाजपा को दिख ही नहीं रहा है।

मंहगाई पर कोई ध्यान नहीं

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से मंहगाई पर चर्चा की। इस पर हमारे मुख्यमंत्री भूपेश दाऊ ने प्रधानमंत्री जी से कहा कि मंहगाई केंद्र सरकार बढ़ा रही है और कम करने राज सरकारों को कह रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जी देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। पेट्रोल में वेट लग रहा है इसलिए मंहगा हो रहा है है लेकिन गैस में तो कोई वेट नहीं लगता फिर गैस का दाम क्यों बढ़ रहा है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि बबूल बोए केंद्र सरकार और कांटा चुभे राज्य सरकार को।

14 शहरों में दस्तावेजों की होम डिलीवरी सेवा मितान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश की जनता को दलालों की चंगुल से मुक्त करने की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। लोगों को आय,जाति, निवास, जन्म प्रमाण पत्र जैसे 13 तरह की सेवाएं अब घर बैठे मिलेंगे। पहले चरण में 14 नगर निगम सीमा क्षेत्र में मितान योजना की शुरूआत है जिसमें मितान की नियुक्ति होंगे जो घर-घर जाकर दस्तावेज लेंगे और प्रमाणपत्र बनाकर होम डिलीवरी करेंगे। जनता में खुसुर-फुसुर है कि भूपेश सरकार जैसे -जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे वैसे-वैसे और उदार होते जाएंगे। ये चुनावी हथकंड़ा है शासकों का, जो चुनाव पर दूरदृष्टि रखकर रणनीति बनाकर अमल में लाने की कार्रवाई शुुरू कर देते है। जो चुनाव आते तक पका जाता है जिसका फल मीठा होता है। अभी तो सीएम भूपेश प्रदेश की जनता को साढ़े तीन साल में जो पकाया था,उसे रात में बोरकर भीषण राजनीतिक गर्मी की तपन कम करने स्वास्थ्यवर्धक बोरेबासी खाने को पे्ररित कर इतिहास ही रच दिया है। जनता में खुसुर फुसुर है कि इस ब्रम्हास्त्र का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है, विरोध करते है तो छत्तीसगढिय़ा नाराज होंगे और नहीं करते है तो भूपेश का चुनावी एक्सप्रेस कापी दूर तक निकल चुकी होगी।

दौरे को लेकर गरमाई कांग्रेस -भाजपा की राजनीति

मुख्यमंत्री के 90 विधानसभा दौरे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में काम तो कुछ हुआ नहीं केवल सत्ता संग्राम के लिए जनता के धन को बर्बाद किया जा रहा है। साय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सत्ता संग्राम के लिए पैसा बर्बाद कर रहे हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि दौरा सतत चलता रहता है, पर इसे चुनाव से जोड़कर कतई नहीं देखना चाहिए। अभी चुनाव को डेढ़ साल बाकी है, जब कैलेंडर बदल जाएगा तब चुनाव की बात करेंगे। सरकार के फैसले को लेकर भाजपा के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लोग अब तक सिर्फ सोच ही रहे है, चाहे राम गमन हो या गौठानों की बात हो राजगीत हो या तीज त्योहार हो या वोरे बासी को लेकर वे केवल सोचते ही रहेंगे। जनता में खुसुर-फुसुर है कि राजनेताओं की दूर की दृष्टि बहुत अच्छी होती है, पास की दृष्टि कमजोर होती है इसलिए दूरदृष्टि का ही उपयोग करते है। जिससे नजदीक के लोग को देखने का मौका ही नहीं मिले।

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