छत्तीसगढ़
खाना नहीं बनाने को लेकर पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से काट डाला
Shantanu Roy
6 Sept 2026 9:04 PM IST

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छग
MCB. एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के खड़गवां थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। ग्राम गिद्धमुड़ी में खाना नहीं बनाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच हुए विवाद में महिला की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार, 52 वर्षीय रंजीत सिंह ने अपनी पत्नी लक्ष्मनिया बाई के सिर पर फावड़े से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, घटना 3 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे की है। ग्राम गिद्धमुड़ी निवासी रंजीत सिंह और उसकी पत्नी लक्ष्मनिया बाई के बीच खाना नहीं बनाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर रंजीत सिंह ने घर में रखे फावड़े से पत्नी के सिर पर वार कर दिया। हमले में लक्ष्मनिया बाई गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गईं।
इलाज के दौरान महिला की मौत
घटना के बाद परिजनों ने घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने महिला का इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर बनी रही। 4 सितंबर की रात करीब 9 बजे इलाज के दौरान लक्ष्मनिया बाई ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद खड़गवां थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मिथनु सिंह गोड़ की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई।
साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया और नक्शा-पंचनामा तैयार किया। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में सामने आए तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति रंजीत सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
पूछताछ के बाद फावड़ा बरामद
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सुनील तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी से घटना के संबंध में जानकारी ली गई। इसके बाद उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया फावड़ा बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह उम्र 52 वर्ष निवासी ग्राम गिद्धमुड़ी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस टीम की रही भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनील तिवारी, प्रधान आरक्षक जितेंद्र मिश्रा, सुरेश गौड़, विश्वनाथ सिंह, हेमंत शर्मा और आरक्षक उदयभान व विनय श्याम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू विवाद के दौरान हिंसा जैसी घटनाएं गंभीर अपराध में बदल जाती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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